24 Feb 2020, 01:31:49 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

इंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने राजगढ़ जिले की घटना के सिलसिले में आज राज्य सरकार और अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। प्रशासनिक न्यायाधीश एस सी शर्मा और न्यायाधीश शैलेन्द्र शुक्ला ने राजगढ़ जिला निवासी एक अधिवक्ता की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई कर संबंधितों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
 
इस याचिका में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में हाल ही में एक राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं के विरूद्ध प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार के मामले में दायर की गयी है। याचिका में राज्य के मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रमुख सचिव, कलेक्टर राजगढ़ और पुलिस अधीक्षक राजगढ़ के अलावा डिप्टी कलेक्टर स्तर की एक महिला अधिकारी को अनावेदक बनाया गया है।
 
'नागरिकता संशोधन अधिनियम' के समर्थन में दो दिन पहले राजगढ़ जिले के ब्यावरा में कुछ संगठनों की ओर से प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता और नेता भी शामिल हुए थे। प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए रैली नहीं निकालने देने की बात कही और इसको लेकर हुए विवाद में कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने भी सड़क पर मोर्चा संभाला था। इस दौरान हुयी झड़प के वीडियो वायरल हुए और उसके बाद से इस मुद्दे को लेकर आरोप प्रत्यारोप के दौर भी चल रहे हैं। 
 
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