28 Mar 2020, 15:08:14 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

मुंबई। कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ का संक्रमण बड़े पैमाने पर फैलने से पिछले सप्ताह सात फीसदी लुढ़कने वाला शेयर बाजार आने वाले सप्ताह में भी गिरावट में रह सकता है। एक तरफ घरेलू शेयर बाजारों के साथ ही विदेशी बाजारों पर भी कोरोना का कहर जारी है तो दूसरी ओर देश में आर्थिक विकास दर के कमजोर आँकड़ों से भी निवेशक बाजार में बिकवाली कर सकते हैं। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में विकास दर घटकर 4.7 प्रतिशत रह गयी जो करीब सात साल का निचला स्तर है। विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र के खरीद प्रबंधक सूचकांक के आँकड़े इस सप्ताह जारी होने हैं। 

निवेशकों के रुख पर इन आँकड़ों का भी प्रभाव रहेगा। बीते सप्ताह सभी पाँच कारोबारी दिन बाजार में गिरावट रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2,872.83 अंक यानी 6.98 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट में शुक्रवार को साढ़े चार महीने के निचले स्तर 38,297.29 अंक पर बंद हुआ। अकेले शुक्रवार को सेंसेक्स 1,448.37 अंक लुढ़क गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सप्ताह के दौरान 879.10 अंक यानी 7.27 प्रतिशत का गोता लगातार सप्ताहांत पर 11,201.75 अंक पर बंद हुआ। मझौली और छोटी कंपनियों पर भी पूरे सप्ताह दबाव रहा। 

बीएसई का मिडकैप 6.97 प्रतिशत लुढ़ककर 14,600.02 अंक पर और स्मॉलकैप 7.03 फीसदी टूटकर 13,709.01 अंक पर बंद हुआ। चीन से शुरू हुये कोरोना वायरस के नये मामलों में पिछले सप्ताह चीन में कमी देखी गयी लेकिन दुनिया के कई अन्य देशों में इसमें तेजी से इजाफा हुआ। इससे निवेशकों में चिंता छाने लगी है कि इसका पहले से कहीं ज्यादा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखेगा। अगले सप्ताह भी यदि यह इसी प्रकार बढ़ता रहा तो शेयर बाजारों में और बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। 

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