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मास्क ही कोरोना से बचाव का वैक्सीन है, इसका उपयोग अवश्य करें-शिवराज

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Sep 29 2020 12:21AM | Updated Date: Sep 29 2020 12:30AM
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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क ही एक तरह की वैक्सीन है। प्रत्येक व्यक्ति अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करे। यह बचाव का बहुत बड़ा अस्त्र है। चौहान आज मिंटो हाल में चिकित्सा क्षेत्र के कोरोना योद्धाओं के सेवा सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आव्हान किया कि मास्क के अलावा बार-बार साबुन से हाथ धोने या सेनेटाईज करने की आदत भी कोरोना से बचाने में काफी मददगार है।
 
इसे हर नागरिक जरूर अपनाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस दुनिया के सामने एक नई चुनौती है। बीमारी के स्वरूप, प्रभाव और इलाज का कुछ पता नहीं। इसकी घातकता से संपूर्ण विश्व दहशत में है। ऐसे में चिकित्सा अमले ने जिस साहस, धैर्य और जीवन को जोखिम में डालकर समर्पण से कार्य किया तथा लोगों का विश्वास टूटने नहीं दिया, वह मानवता के इतिहास में अभूतपूर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आठ करोड़ जनता की ओर से सभी डॉक्टर्स तथा पैरामेडिकल स्टाफ का अभिनंदन कर आभार माना।
 
उन्होंने इस समर्पण की तुलना दधीचि के प्रसंग से करते हुए कहा कि संकटकाल में मेडिकल अमले की भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना सरकार और समाज का कर्तव्य है। चौहान ने कहा कि वित्तीय संकट अवश्य है, पर कोरोना के विरुद्ध युद्ध में किसी भी तरह के संसाधनों और धन की कमी नहीं होने दी गई। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता हो या उपकरणों व सामग्री की व्यवस्था, आपूर्ति का क्रम निरंतर जारी रहेगा। नये मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की ओर हम निरंतर अग्रसर हैं।
 
उन्होंने कहा कि हर कदम और परिस्थिति में सरकार कोरोना योद्धाओं के साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के परिणामस्वरूप कोरोना महामारी के संकट का देश ने सूझबूझ के साथ सामना किया। लॉकडाउन के परिणामस्वरूप व्यवस्थाओं को बनाए रखने में मदद मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने इस आपदा को अवसर में बदलने का आव्हान किया। कोरोना के विरुद्ध यह लड़ाई लम्बी अवश्य है पर हमारी रणनीति सटीक है।
 
धैर्य, हिम्मत, सावधानी के साथ मन में उत्साह लिए हम निरंतर प्रयासरत रहेंगे और इस आपदा में भी आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की ओर लगातार अग्रसर होते रहेंगे। चौहान ने इस अवसर पर कोविड-19 महामारी काल में योगदान देने वाले चिकित्सा क्षेत्र के कोरोना योद्धाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री चौहान की ओर से समस्त चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सेवा सम्मान और डिजिटल प्रशस्ति प्रमाण-पत्र जारी किए गए। कार्यक्रम मध्यप्रदेश गान से आरंभ हुआ।
 
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने लगभग प्रतिदिन कोरोना की समीक्षा कर निरंतर स्थिति की निगरानी के साथ-साथ चिकित्सा अमले का उत्साहवर्धन भी किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप संक्रमण रोकने के सुदृढ़ उपाय किए जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना से प्रभावित 1 लाख 24 हजार व्यक्तियों में से 1 लाख लोग पूर्णत: स्वस्थ हो गए। यह बड़ी उपलब्धि है।
 
उन्होंने बताया कि जांच और संसाधनों की क्षमता वृद्धि की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। प्रदेश में टेसिं्टग क्षमता एक दिन में तीस हजार तक बढ़ाई जा चुकी है। वर्तमान में 716 फीवर क्लीनिक संचालित हैं। बिस्तरों की उपलब्धता भी पर्याप्त है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश गान की प्रथम पंक्ति 'सुख का दाता दु:ख का साथी' को चरितार्थ किया है।
 
उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति और प्रयासों के कारण ही प्रदेश में आज कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ का आभार मानते हुए कहा कि भगवान ने सर्वाधिक भाग्यशाली डॉक्टरों को बनाया है क्योंकि डॉक्टर में लोगों की जान बचाने की क्षमता है। पीड़ति मानवता की सेवा से मिलने वाला सुख सर्वाधिक डॉक्टरों के भाग्य में ही है। 
 
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