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लखीमपुर की घटना भूख के भयंकर तूफान का द्योतक : चौधरी

By Dabangdunia News Service | Publish Date: May 30 2020 7:40PM | Updated Date: May 30 2020 7:40PM
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने लखीमपुर जिले में एक व्यक्ति की खुदकुशी की घटना का हवाला देते हुये मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वह इस घटना को लाकडाउन की वजह से सूबे पर मंडरा रहे भूख के भयंकर तूफान की सूचना समझें और इससे निपटने के लिये विधानसभा का विशेष सत्र बुलायें। चौधरी ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि मैगलगंज में खुदकुशी की घटना को गम्भीरता से लेने की जरूरत है और इसके मुकाबले के लिए जमीनी रणनीति तैयार करनी चाहिये जो अफसरों के कागजी आंकड़ों की जगह प्रदेश के सभी विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों की राय पर आधारित हो।
 
इस राय के लिए दोनों सदनों का तत्काल विशेष सत्र तत्काल आहूत होना चाहिए। उन्होने कहा कि योगी इस खुदकुशी को अफसरों के चश्में से मत देखें। यह केवल एक आदमी की खुदकुशी नहीं है बल्कि प्रदेश पर मंडरा रहे भूख के भयंकर तूफान की हृदय विदारक सूचना है जिसे रोका नहीं गया तो गांव गांव में इस तरह की दु:खद घटनाएं होंगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा ‘‘ हमें पता है कि अचानक और अनियोजित लाकबन्दी की घोषणा केन्द्र सरकार ने की है जिससे आपका कोई लेना देना नहीं था, लेकिन इस घोषणा से उत्तर प्रदेश बुरी तरह प्रभावित है।
 
इसकी वजह से  सूबे की एक बड़ी आबादी भुखमरी की चपेट में है। इसलिए इससे आपका भी लेना देना है और सभी विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों का भी। इसलिए इसे लेकर सदन का विशेष सत्र जल्द से जल्द बुलाया जाना आवश्यक है।’’  उन्होने कहा कि मैगलगंज निवासी भानु प्रसाद गुप्ता शाहजहाँपुर के एक होटल में काम करता था। इसी कमाई से वह अपनी बीमार माँ का और अपना इलाज करा रहा था। इसी कमाई से तीन बेटी व एक बेटे सहित परिवार का भरण पोषण भी कर रहा था।
 
लाकडाउन की वजह से उसका होटल बन्द हो गया। वह मजबूर होकर घर आ गया और उसकी यह कमाई भी लाकडाउन की वजह से बन्द हो गई।  सपा नेता ने कहा कि भानु ने स्थानीय स्तर पर काम की तलाश की जो उसे नहीं मिला जिसकी वजह से पहले से ही कमजोर उसकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई। इससे उबरने के लिए उसने प्रशासन से मदद हासिल करने की कोशिश की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली और उसने 29 मई को ट्रेन की पटरी पर सोकर खुदकुशी कर ली।    
 
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