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जौनपुर में 20 वर्ष से फरार हत्यारा गिरफ्तार, तिहरे हत्याकांड में था शामिल

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Mar 8 2021 12:56PM | Updated Date: Mar 8 2021 12:58PM
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश में  जौनपुर के शाहगंज इलाके के सिधाई गांव में  तीन दशक पूर्व हुए बहुचर्चित बल्लर सिंह तिहरा हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए अभियुक्तों में से एक 20 वर्ष से फरार चल रहे इंद्र प्रकाश यादव को वाराणसी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। रात में शाहगंज थाने लाने के बाद अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। 
 
आनन-फानन में पुलिस उपचार के लिए  चिकित्सालय लाई, जहां हालत गंभीर  देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।फिलहाल पुलिस ने नगर के अयोध्या मार्ग स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। एक मुजरिम  केशव यादव अभी भी पकड़ से दूर है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 13 दिसंबर 1990 की शाम हथियारों, बम व असलहों से लैस हमलावर सोंधी विकास खंड के पूर्व प्रमुख दीप नारायण सिंह उर्फ बल्लर सिंह के सिधाई गांव स्थित घर पर धमक पड़े थे। कोई कुछ समझता इससे  पहले ही हमलावरों ने बम मारकर व ताबड़तोड़ फायरिग कर बल्लर सिंह, उनके पुत्र राममूर्ति सिंह उर्फ नन्हू सिंह व घर आए युवक हेमंत बनर्जी की हत्या कर  दी।
 
बदमाश बंदूक लूट ले गए थे। हमले में तेज बहादुर सिंह की बहन माधुरी सिंह, पौत्र मनीष सिंह, पौत्री अरुणा व राजेंद्र कुमारी  घायल हो गई थीं। इस बहुचर्चित व सनसनीखेज तिहरा हत्याकांड में क्षेत्र के  बद्दोपुर गांव निवासी कालिका यादव व उनके भाइयों इंद्र प्रकाश यादव, केशव  प्रकाश यादव और पुत्र पारस यादव के साथ ही 15-16 अज्ञात के विरुद्ध  प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।  अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( एडीजे ) ने 20 जनवरी 2001 को  आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। मुजरिमों को  हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। बाद में जमानत निरस्त हुई तो इंद्र प्रकाश व  केशव प्रकाश फरार हो गए।
 
दोनों पर पुलिस ने दस-दस हजार रुपये का इनाम रख  दिया। शनिवार को एसटीएफ ने दीदारगंज स्थित पेट्रोल पंप के पास से इंद्र  प्रकाश को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए शाहगंज कोतवाली पुलिस के  हवाले कर दिया। अस्सी के  दशक तक तीन बार सोंधी ब्लाक के प्रमुख रहे दीप नारायण सिंह की गिनती उस समय जिले के बड़े रसूखदारों में होती थी। दीवानी  न्यायालय अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष तेज बहादुर सिंह के पिता दीप  नारायण सिंह का इलाके में खासा दबदबा था। तेज बहादुर सिंह के पुत्र पेशे से  अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह उस समय सेंट थामस इंटर कालेज में पढ़ रहे थे।  कालेज में सहपाठी हरि यादव पुत्र कालिका यादव से मनीष का विवाद इस दहला  देने वाले तिहरा हत्याकांड का कारण बना था।
 
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