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ग्रामीण पथ विक्रेताओं को भी शहरी पथ विक्रता योजना से जोड़ा जायेगा: शिवराज

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 3 2020 11:30PM | Updated Date: Jul 3 2020 11:30PM
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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शहरी पथ विक्रेता योजना में ग्रामीण पथ विक्रेताओं को भी जोड़ा जायेगा। उनको भी 10 हजार रूपये बैंक से दिलवाए जायेंगे, गारंटी राज्य सरकार लेगी, ताकि काम-धंधा फिर से पटरी पर आ सके। आधिकारिक जानकारी में चौहान ने कहा कि शहरी पथ विक्रेताओं की पीड़ा को समझते हुए उन्हें रोजगार शुरू करने के लिये कार्यशील पूँजी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आत्म-निर्भर स्व-निधि की घोषणा की गयी है।
 
केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण पथ विक्रेतओं को भी योजना में शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि गरीबों की शहरी पथ विक्रेता योजना को मध्यप्रदेश में सबसे पहले लागू कर पंजीयन की प्रक्रिया शहरी असंगठित कामगार पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई। अभी तक पोर्टल पर 8 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं का पंजीयन हो चुका है। पंजीकृत वेंडर्स के दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में एक हजार करोड़ से अधिक ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
 
चौहान ने बताया कि यह योजना सभी 378 नगरीय निकायों में लागू की जा रही है। योजना में ऐसे पथ विक्रेताओं को शामिल किया जायेगा, जो गत 24 मार्च से पूर्व से शहरी क्षेत्रों में पथ विक्रेता का कार्य करते हैं। निकाय का टाउन वेंडिंग सर्टिफिकेट और पहचान-पत्र होने पर यह लाभ मिलेगा। ऐसे पथ विक्रेता, जो कोरोना महामारी के कारण अपने स्थान को छोड़कर चले गये हैं और वे पुन: लौटते हैं, तो उन्हें भी इसका लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि योजना में पात्र पथ व्यवसायी को लाभ लेने के लिए भटकना नहीं पड़े।
 
उन्होंने कहा कि पथ व्यवसाइयों की पीड़ा को महसूस करते हुए उनके रोजगार को पुन: शुरू करवाने के लिए जरूरी व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि शहरों की महिलाओं को स्व-सहायता समूह के माध्यम से स्व-रोजगार स्थापित करने के अवसर प्रदान के उद्देश्य से सभी 378 नगरीय निकायों में दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शुरू करने का भी निर्णय लिया है। अभी यह योजना मात्र 120 नगरीय निकायों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह मिशन क्षमता संवर्धन, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा तथा संस्थागत विकास के द्वारा शहरी गरीबों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराएगा।
 
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