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BJP पंजाब में गठबंधन के बिना एक सीट नहीं निकाल सकती : अमरिंदर

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Nov 21 2020 5:30PM | Updated Date: Nov 21 2020 5:36PM
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा है कि पंजाब भारतीय जनता पार्टी यदि विधानसभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है तो इसका स्वागत है लेकिन पिछले रिकार्ड के मुताबिक भाजपा बिना गठजोड़ के एक सीट नहीं निकाल सकती। उन्होंने आज यहां कहा कि कांग्रेस को तो पंजाब में कोई चुनौती नहीं है। अकाली दल और आम आदमी पार्टी से भी उसे कोई ख़तरा नहीं है। इन पार्टियाँ में से किसी ने भी राज्य के हित के लिए कभी सकारात्मक बात नहीं की। 

राज्य में विधानसभा चुनाव को अभी 18 महीने का समय पड़ा है और यह कहना संभव नहीं कि मतदान के समय पर कौन सा मुद्दा भारी रहेगा। उन्हें उम्मीद है कि भाजपा किसानों की मुश्किलों का जल्द हल करेगी। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य बनाए रखना चाहते हैं और केन्द्र सरकार को इसे सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो को अपने राज्य में बिना आज्ञा के दाखिल होने की अनुमति नहीं देगी। 

पंजाब समेत आठ राज्यों द्वारा सी.बी.आई. को बिना अनुमति प्रवेश की इजाजत वापस लेने की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि एजेंसी का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जा रहा है और सी.बी.आई. के जरिये निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उनके अनुसार किसान रेल रोको आंदोलन लंबा चलने से सीमा पर तैनात सैनिकों के लिये रसद सप्लाई प्रभावित होगी, इसके अलावा आंदोलन से पंजाब के हितों का भी नुकसान कर रहा है। हालांकि संघर्ष किसानों का प्रजातांत्रिक और संवैधानिक हक है, जिसका केंद्र सरकार को भी एहसास है क्योंकि उनकी तरफ से बातचीत के लिए किसान संगठनों को बुलाने का फैसला किया गया था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कॉरपोरेट की ओर से पंजाब में अनाज खरीदने का स्वागत करते हैं बशर्ते वे मौजूदा मंडीकरण व्यवस्था का पालन करते हों जो किसान और आढ़तिओं के बीच निकट संबंधों पर बना हुआ है। उन्होंने भाजपा के उन आरोपों को खारिज किया जिसमें उन्होंने कांग्रेस और अन्य केंद्र विरोधी पार्टियों पर किसानों को गुमराह करने के दोष लगाए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से केन्द्र के कृषि कानूनों को रद्द किया लेकिन कुछ पार्टियों ने अपनी राजनीतिक मजबूरी के चलते बाद में यू-टर्न ले लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब संसद में बिल लायी तो उस समय पंजाब सरकार समेत सभी सम्बन्धित पक्षों की राय लेनी चाहिए थी। यह सब करने की बजाय बिना बहस के बिल पास कर दिए गए। कैप्टन सिंह ने कहा कि चीन और पाकिस्तान के भारत के विरुद्ध नापाक मंसूबे सफल नहीं होंगे। पंजाब शान्ति और विकास चाहता है और पाकिस्तान को पंजाब का अमन चैन भंग करने की अनुमति नहीं देगा।

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