05 Apr 2020, 16:05:14 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

नई दिल्ली। सरकार देश में वर्ष 2025 तक दूध प्रसंस्करण क्षमता पांच करोड़ 35 लाख टन से बढाकर दस करोड़ 80 लाख टन करेगी। दुधारु पशुओं में आनुवांशिक सुधार के माध्यम तथा कुछ अन्य उपायों से दूध उत्पादन बढाया जायेगा। पिछले पांच साल से देश में 6.4 प्रतिशत की दर से दूध उत्पादन बढ रहा है। यह उत्पादन वर्ष 2014-15 में 14 करोड़ 63 लाख टन से वर्ष 2018-19 में बढकर 18 करोड़ 77 लाख टन हो गया है।
 
इसमें करीब 54 प्रतिशत का बाजार में उपयोग होता है जबकि 46 प्रतिशत का ग्रामीण या स्थानीय स्तर पर उपयोग होता है। व्यवसाय वाले दूध में संगठित क्षेत्र का हिस्सा 36 प्रतिशत है जिसमें सहकारी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढाने की जरुरत है । पिछले दो साल के दौरान सहकारी क्षेत्र में दूध की खरीद नौ प्रतिशत की दर से बढ रही है। पशुपालन और डेयरी विभाग पशुओं में आनुवांशिक सुधार के माध्यम से दूध उत्पादन बढाने तथा लागत खर्च घटाने का प्रयास लगातार कर रहा है।
 
हाल ही में गांव और डेयरी प्लांट  स्तर पर जांच सुविधा उपलब्ध कराकर दूध की गुणवत्ता में सुधार के लिए विशेष कार्यक्रम शुरु किया गया है । सहकारी और निजी क्षेत्र में भी गुणवत्तापूर्ण दूध कार्यकम चलाने की योजना है। ऐसी योजनाओं के चलाये जाने से डेयरी क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और आय में वृद्धि होगी ।       
 
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