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लॉकडाउन खत्म करने की जल्दी में नहीं हैं ये 7 राज्य, कहा - 2 हफ्ते और बढाओं...

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Apr 8 2020 12:13AM | Updated Date: Apr 8 2020 12:14AM
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नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप और राज्यों से किए गए अनुरोध को देखते हुए केंद्र सरकार लॉकडाउन को बढ़ाने पर विचार कर रही है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकार के सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि कई राज्य सरकारों और विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार से लॉकडाउन को बढ़ाने की मांग की है। यही वजह है कि सरका इस दिशा में विचार कर रही है।  
 
कम से कम सात राज्यों ने लॉक डाउन की समयावधि को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है। इन सात राज्यों में सोमवार रात स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार 1367 मामले पाये गये थे। जो कुल मामलों का एक तिहाई है। इन राज्यों ने सोमवार को इशारा किया है कि वह 21 दिन के राष्ट्रीय लॉकडाउन के 14 अप्रैल को खत्म होने के बाद भी कुछ पाबंदियां जारी रखेंगे।
 
एक ओर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि वह अपने राज्य में लॉकडाउन की समयावधि बढ़ाने के पक्ष में हैं वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान, यूपी, असम, छत्तीसगढ़ और झारखंड भी इसके समर्थ में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वे अगले मंगलवार यानी 14 अप्रैल के बाद भी प्रतिबंधों को पूरी तरह से खत्म नहीं करेंगे।
 
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि देश में लागू 21 दिन के लॉकडाउन की अवधि में 14 अप्रैल के बाद विस्तार किया जाए क्योंकि लोगों के जीवन रक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है। तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख ने कहा कि देश की 'खराब स्वास्थ्य सुविधाओ' के कारण वायरस से संक्रमण के प्रसार को रेाकना मुश्किल होगा। उन्होंने 2 और सप्ताह तक लॉकडाउन के विस्तार का सुझाव दिया है। उन्होंने BCG रिपोर्ट से एक संदर्भ लिया है, जिसमें सुझाव दिया गया कि भारत में 3 जून तक लॉकडाउन अच्छा रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की है कि इसे आगे भी जारी रखा जाए क्योंकि कोरोना वायरस से जंग में भारत के पास यही एक हथियार है। उन्होंने कहा कि अगर इससे इकोनॉमी का कोई नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई कर ली जाएगी लेकिन जानें गईं तो उन्हें नहीं लौटाया जा सकता।
 
महाराष्ट्र में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं। यहां एक ही दिन में 120 नए मामले सामने आने के साथ ही कुल केस 868 तक पहुंच गए। 621 केस के साथ तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है। देश की राजधानी दिल्ल में भी 525 केस मिल चुके हैं। वहीं यूपी के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में तब्लीगी जमात से जुड़े मामलों की संख्या में वृद्धि (305 में से 159) के बाद लॉकडाउन को लेकर अनिश्चितता है। 274 मामलों के साथ राजस्थान बाहर निकलने की रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि 10 मामलों वाले छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा कि अंतरराज्यीय यात्रा को शुरू किये जाने के चलते वायरस का प्रसार हो सकता है।
 
इसके साथ ही 165 मामलों के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। एक समीक्षा बैठक में चौहान ने कहा कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन हटाया जा सकता है। इसके साथ ही गुवाहाटी में, असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा 'जब लॉकडाउन वापस ले लिया जाता है, हमें असम आने के इच्छुक लोगों को रेगुलेट करना होगा। अस्थायी अवधि के लिए, हमें स्थायी निवासियों के लिए भी ILP- जैसी स्थिति की आवश्यकता हो सकती है।' द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि स्थिति को देखते हुए सरकार द्वारा संतुष्ट होने के बाद ही लॉकडाउन को हटाएंगे।
 
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