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गहलोत सरकार ने मोदी सरकार से लगायी गुहार, कांग्रेस की दो राज्य सरकारें आमने-सामने

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jan 12 2022 8:21PM | Updated Date: Jan 12 2022 8:21PM
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नई दिल्‍ली। कोयला ब्लॉक आबंटन को लेकर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की तरफ से कोई समाधान नहीं होता देख, राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने केंद्र में मोदी सरकार को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी है। राजस्थान के उर्जा, खान और पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुबोध अग्रवाल ने केंद्र में वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव को यह चिट्ठी भेजी है।  राजस्थान सरकार की इस चिट्ठी में छत्तीसगढ़ में राजस्थान के लिए आवंटित कोयला खदानों को चालू करवाने के लिए राज्य सरकार से जमीनें दिलाने की गुहार लगाई है। दिलचस्प यह है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का ही शासन है लेकिन राजस्थान की कांग्रेस सरकार वहां से अपना कोयला नहीं निकलवा पा रही है। केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय ने राज्यस्थान को बिजली उत्पादन के लिए जरूरी कोयला के लिए वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में परसा ईस्ट एवं कांता बासन कोयल ब्लॉक आबंटित किया था। राजस्थान सरकार वहां मिले तीन कोयल ब्लॉक में से एक से अपने लिए कोयला निकलवा भी रही थी। उस कोयल ब्लॉक से पर्याप्त कोयला निकाले जाने के बाद केंद्र सरकार की तरफ से दूसरे चरण में बाकी दो कोयल ब्लॉक से कोयला निकलवाने की हरी झंडी मिल चुकी है। यहां से कोयला निकलवाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को 1136 हेक्टेयर वन भूमि मुहैया करवानी है। छत्तीसगढ़ की सरकार इसे राजस्थान सरकार के लिए मुहैया नहीं करवा रही है। बिजली संकट को दूर करने के लिए राजस्थान सरकार को जरूरी कोयला नहीं मिल पा रहा है। 
 
छत्तीसगढ़ सरकार से क्लीयरेंस नहीं मिलता देख राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले छत्तीसगढ़ में अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पिछले साल 11 अक्टूबर और 15 नवंबर को चिट्ठी लिख चुके हैं। बार-बार गुहार करने के बाद भी बघेल सरकार से मदद नहीं मिलने पर अशोक गहलोत ने थक हारकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक दिसंबर को चिट्ठी लिखी थी। अपनी चिट्ठी में अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से दखल देने की मांग करते हुए लिखा था कि छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल के इस कदम से जहां राजस्थान सरकार के कामकाज पर बुरा असर पड़ेगा वहीं दोनों राज्यों में कांग्रेस की ही सरकारों के बीच एक अजीब से स्थिति बन गयी है। एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी कांग्रेस आलाकमान से बघेल सरकार को कोई निर्देश नहीं मिलने पर राजस्थान की गहलोत सरकार ने अब केंद्र सरकार से मदद मांगी है।
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