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अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा- 25% गिर सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था, सरकार नहीं दे रही..

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jan 19 2021 1:16AM | Updated Date: Jan 19 2021 1:17AM
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नई दिल्‍ली। भारत के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था उतनी तेजी से नहीं उबर रही है जितना कि सरकार दावा करती है और देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 25 प्रतिशत का अनुबंध कर सकती है। कुमार ने आगे कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी में बड़ी गिरावट के कारण बजट का अनुमान पूरी तरह से समाप्त हो गया है और इसलिए, बजट को सही करने की आवश्यकता है।  “भारत का आर्थिक विकास उतनी तेजी से नहीं हो पा रहा है जितना कि सरकार दिखा रही है क्योंकि असंगठित क्षेत्र ने वसूली शुरू नहीं की है और सेवा क्षेत्र के कुछ प्रमुख घटक पुनः प्राप्त नहीं हुए हैं।
 
"मेरे विश्लेषण से पता चलता है कि विकास की दर (-) चालू वित्त वर्ष में 25 फीसदी होगी क्योंकि लॉकडाउन के दौरान (अप्रैल-मई के दौरान) केवल आवश्यक उत्पादन हो रहा था और यहां तक ​​कि कृषि में भी, कोई वृद्धि नहीं हुई थी," उन्होंने कहा एक साक्षात्कार में पीटीआई को बताया। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को चालू वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत अनुबंधित करने का अनुमान लगाया है, जबकि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) का अनुमान 7.7 प्रतिशत है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी। वहीं राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने अर्थव्यवस्था में 7.7 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है।
 
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर कुमार ने कहा कि सरकार ने अप्रैल-जून और जुलाई-सितंबर की तिमाहियों के लिए जो जीडीपी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, उनमें भी कहा गया है कि इन आंकड़ों में बाद में संशोधन होगा। उन्होंने कहा कि भारत का राजकोषीय घाटा पिछले साल से अधिक रहेगा। राज्यों का राजकोषीय घाटा भी ऊंचे स्तर पर रहेगा। उन्होंने कहा कि विनिवेश राजस्व भी कम रहेगा। कर और गैर-कर राजस्व में भी कमी आएगी।
 
कुमार ने कहा कि भारत का आर्थिक पुनरोद्धार कई कारकों पर निर्भर करेगा। ‘कितनी तेजी से टीकाकरण होता है और कितनी तेजी से लोग अपने काम पर लौट पाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम 2021 में 2019 के उत्पादन स्तर पर नहीं पहुंच पाएंगे। संभवत: टीकाकरण के बाद 2022 में हम 2019 के उत्पादन का स्तर हासिल कर पाएं।’’ उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में वृद्धि दर निचले आधार प्रभाव की वजह से अच्छी रहेगी, लेकिन उत्पादन 2019 की तुलना में कम रहेगा।
 
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