25 Nov 2020, 16:03:39 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
news » National

पूर्व CM के दो रिश्तेदार चुनावी रण में - खाकी के बाद खादी की शोभा बढ़ाएंगे सुनील कुमार

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 29 2020 3:19PM | Updated Date: Oct 29 2020 3:19PM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

पटना। बिहार में दूसरे चरण में तीन नवंबर को 94 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव में गोपालगंज जिले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई  और पूर्व सासंद अनिरूद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव ,पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर के पौत्र आसिफ गफूर, समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह, पूर्व सासंद काली प्रसाद पांडेय तथा ‘खाकी’ के बाद ‘खादी’ की शोभा बढ़ाने के लिये चुनावी रण में उतरे भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व  अधिकारी सुनील कुमार की प्रतिष्ठा दाव पर है।
 
गोपालगंज विधानसभा सीट से सियासी पिच पर जीत की ‘हैट्रिक’ जमा चुके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सुभाष सिंह इस बार ‘चौका’ मारने की फिराक में हैं, वहीं उनके विजयी रथ को रोकने के लिये बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने लालू प्रसाद यादव के साले और पूर्व मुख्यंमंत्री राबड़ी देवी के भाई अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव तथा महागठबंन ने कांग्रेस को सीट देते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर के पौत्र आसिफ गफूर को चुनावी रणभूमि में उतार दिया है, जिससे इस सीट पर चुनावी परिणाम रोचक होने की उम्मीद है। इस सीट पर 21 पुरुष और एक महिला समेत 22 प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतरे हैं। वर्ष 2015 में भाजपा के सिंह ने राजद के रियाजुल हक उर्फ राजू को 5074 मतों के अंतर से परास्त किया था। राजद प्रत्याशी श्री राजू इस बार बरौली विधानसभा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं।
 
कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र में बहुबलियों के बीच चुनावी जंग देखने को मिलेगी। इस सीट पर राजग के घटक जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के बाहुबली विधायक अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय सियासी पिच पर चौका मारने के बाद अब ‘पांच का दम’ दिखाने की पुरजोर कोशिश में हैं वहीं उनके विरुद्ध लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से बागी पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद काली प्रसाद पांडेय को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है। लोजपा के टिकट पर पहली बार चुनावी संग्राम में उतरे रवि पांडे और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) की नवोदित खिलाड़ी सुनीता देवी दोनों धुरंधर नेताओं को चुनौती देने में लगी है। इस सीट पर 12 पुरुष और एक महिला समेत 13 प्रत्याशी चुनावी रणभूमि में हुंकार भर रहे हैं। वर्ष 2015 में जदयू के श्री पांडेय ने लोजपा के काली पांडेय को 3562 मतों के अंतर से पराजित किया। वहीं, इस सीट पर 2015 में तीसरे नंबर पर रही नोटा को 7510 मत मिले थे।
 
बैकुंठपुर विधानसभा सीट से भाजपा के निवर्तमान विधायक मिथिलेश तिवारी को चुनावी संग्राम में चुनौती देने के लिये (राजद) ने सत्ता के नये खिलाड़ी पूर्व विधायक स्व. देवदत्त प्रसाद के पुत्र प्रेम शंकर प्रसाद को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। जदयू से बगावत कर पूर्व मंत्री स्व. ब्रज किशोर नारायण सिंह के पुत्र पूर्व विधायक मंजीत कुमार सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपनी तकदीर आजमा रहे हैं। इस सीट पर 13 प्रत्याशी चुनावी दंगल में हैं जिनमें 12 पुरुष एक महिला शामिल है। वर्ष 2015 में भाजपा उम्मीदवार श्री तिवारी ने जदयू प्रत्याशी श्री सिंह को 14115 मतों के अंतर से मात दी थी। इस सीट पर सर्वाधिक चार ब्रज किशोर नारायाण सिंह प्रतिनिधित्व कर चुके हैं जबकि स्व देवदत्त प्रसाद तीन बार वहीं मंजीत सिंह ने दो बार जीत का स्वाद चखा है।
 
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »