25 Oct 2020, 05:16:46 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
news » National

मोदी सरकार पर भड़के राहुल गांधी, बोले- किसान के लिए काला कानून लायी है....

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Sep 18 2020 12:25AM | Updated Date: Sep 18 2020 12:25AM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में पेश ‘कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020’को किसानों के लिए काला कानून बताया और कहा कि इससे किसानों का शोषण होगा और खेती नये जमींदारों के हाथों में चली जाएगी। लोकसभा में इस विधेयक को पारित कराने के लिए जारी चर्चा के बीच गांधी ने ट्वीट किया ‘‘मोदी जी ने किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया था।
 
लेकिन मोदी सरकार के ‘काले’ कानून किसान-खेतिहर मजदूर का आर्थिक शोषण करने के लिए बनाए जा रहे हैं। ये 'जमींदारी' का नया रूप है और मोदी जी के कुछ ‘मित्र’ नए भारत के ‘जमींदार’ होंगे। कृषि मंडी हटी, देश की खाद्य सुरक्षा मिटी।’’ बाद में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, पार्टी के लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई, रवनीत बिट्टू, अमर सिंह, गुरजीत औजला, जसबीर सिंह गिल तथा पार्टी संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इसे ‘हरित क्रांति’ को हराने की घिनौनी साजिश बताया और कहा कि किसानों को तबाह करने के लिए मोदी सरकार ‘तीन काले कानून’ लेकर आयी है।
 
उन्होंने कहा कि ये विधेयक खेती-किसानी के लिए जानलेवा साबित होंगे। इन विधेयकों को उन्होंने खेत-खलिहान को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का षडयंत्र बताया और कहा कि इन विधेयकों के पारित होने से किसानों को नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मित्रों और मुट्ठीभर पूंजीपतियों को लाभ होगा। संसद में यह कानून पारित कर सरकार किसान- खेत मजदूर की बदहाली और बर्बादी का दस्तावेज तैयार कर रही है।
 
कांग्रेस नेताओं ने इस विधेयक को मुट्ठीभर पूंजीपतियों के हित में बताया और कहा कि यह विधेयक किसान विरोधी है इसलिए देशभर में 62 करोड़ किसान-मजदूर तथा 250 से अधिक किसान संगठन इन कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सब ऐतराज दरकिनार कर देश को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसान की बात सुनने की बजाय संसद में उनके नुमाईंदों की आवाज को दबा रही है और सड़कों पर किसान-मजदूरों को लाठियों से पिटवाया जा रहा है। 
 
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »