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राहुल पर नड्डा का हमला गलवान विफलता से ध्यान भटकाने की कोशिश : कैप्टन

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 7 2020 5:46PM | Updated Date: Jul 7 2020 5:47PM
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चंडीगढ़। भारत-चीन टकराव के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे पी नड्डा के ‘निजी हमले‘ को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गलवान घाटी में भारत सरकार की विफलता से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।   आज यहां जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के गलवान घाटी मुद्दे के संदर्भ में पूछे गये जायज सवालों पर प्रतिसाद देने में विफल रहने पर भाजपा नीत केंद्र सरकार कांग्रेस नेता पर निजी हमला कर रही है।
 
कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि इन सवालों का जवाब सिर्फ राहुल नहीं पूरा देश जानना चाहता है क्योंकि सवाल सैनिकों से ही नहीं हर भारतीय से जुड़े हैं जो जानना चाहते हैं कि 15 जून को गलवान घाटी में क्या हुआ?   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के इस आशय के बयानों, कि क्षेत्र में कोई कोई घुसपैंठ नहीं हुई, पर मुख्यमंत्री ने जाना चाहता कि यदि चीनी सैनिक सीमा में आये ही नहीं तो फिर अब पीछे कैसे हट रहे हैं? 
 
रक्षा स्थायी समिति की एक भी बैठक में राहुल के शामिल न होने को लेकर नड्डा की आलोचना पर कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि इसका गलवान घाटी मुद्दे से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि समिति रण क्षेत्र से संबंधित जमीनी फैसले नहीं लेती। समिति सीमा पर सैनिकों को भेजने का फैसला नहीं करती, न ही यह इस बारे में कोई नीतिगत निर्णय करती है कि किस स्थिति में सैनिक गोली चलाएं या नहीं।
 
सांसद के रूप में पिछले कार्यकाल में समिति सदस्य के रूप में अपना अनुभव बताते हुए कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि इन बैठकों में जिन मामलों पर चर्चा भी होती है, जैसे उपकरणों की कमी या खरीद आदि के बारे में, तो उसका कुछ नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद सेना में रह चुके हैं और उन्होंने एक बैठक में गोलाबारूद की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्हें बताया गया कि पांच सालों में मुद्दा सुलझा लिया जाएगा जिस पर उन्होंने तंज किया था, ‘‘हमें पाकिस्तान और चीन से पांच साल इंतजार करने को कहना चाहिए।
 
कैप्टन अमरिंदर के अनुसार कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत को इजराइल और दक्षिण अफ्रीका से महंगा गोलाबारूद खरीदना पड़ा था। उन्होंने कहा कि यह बैठकें ‘केवल अपनी शक्लें दिखाने‘ के मंच होती हैं और चर्चाओं से कोई ठोस नतीजे हासिल नहीं होते।  
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि नड्डा के इस आरोप के विपरीत कि सेना की बहादुरी पर सवाल उठाकर राहुल देश का मनोबल गिरा रहे हैं, वास्तव में राहुल देश व सेना के हितों की बात कर रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि इसके अलावा राहुल गांधी को हर भारतीय नागरिक की तरह सरकार से सवाल करने का अधिकार है। उनके उठाए सवाल इसलिए भी महत्वूपर्ण हैँ कि सुनिश्चित किया जाए कि हम फिर ऐसे हालात में सोते न पाए जाएं और सैनिक मारे न जाएं जैसा कि गलवान घाटी में हुआ। 
 
कैप्टन अमरिंदर ने ‘वंशवादी परंपरा‘ वाली नड्डा की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल लोकसभा में चुन कर आये हैं और एक सांसद की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर सत्तारूढ़ पार्टी अपनी विफलताओं को ही उजागर कर रही है।
 
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