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कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर में लगातार वृध्दि, 24 घंटों में हुए 4776 मरीज ठीक

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 4 2020 12:26AM | Updated Date: Jun 4 2020 12:26AM
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नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4776 मरीज ठीक हो गए हैं और अब तक कुल 1,00,303 मरीजों के ठीक होने के बाद मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 48.31 प्रतिशत हो गई है। इस समय कोरोना के 1,01,497 सक्रिय मरीज हैं और ये चिकित्सकीय निगरानी में हैं। देश में कोरोना से होने वाली मौतों की दर 2.80 प्रतिशत है और इस समय कुल 688 प्रयोगशालाएं कोरोना की जांच में लगी हुई हैं जिनमें 480 सरकारी और 208 निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाएं हैं। अभी तक कोरोना के 41,03,233 नमूनों की जांच की जा चुकी है और कल 1,37,158 नमूनों की जांच की गई थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में  इस समय 952 कोविड समर्पित अस्पताल हैं जिनमें 1,66,332 आइसोलेशन बिस्तर, 21,393, आईसीयू बिस्तर,72,762 ऑॅक्सीजन की सुविधा वाले बिस्तर हैं। इसके अलावा 2391 डेडिकेटिड कोविड हेल्थ सेंटर हैं जिनमें 1,34,945 आइसोलेशन बिस्तर, 11,027 आईसीयू बिस्तर और 46,875 ऑॅक्सीजन सुविधा युक्त बिस्तर हैं। केन्द्र सरकार ने विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को 125.28 लाख एन-95 मॉस्क और 101.54 पीपीई किट्स उपलब्ध करा दी हैं।

 

भारत में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर 15 अप्रैल को 11.42 प्रतिशत, तीन मई को 26.59 प्रतिशत,18 मई को 38.29 प्रतिशत थी और इसके बाद इसमें सुधार होता गया और आज यह बढ़कर 48.31 प्रतिशत हो गई है। विश्व के 14 देशों में जहां कोरोना के मामले अधिक देखे गये हैं उनकी आबादी भारत के बराबर ही है लेकिन उनमें भारत से 22.5 प्रतिशत अधिक कोरोना के मामले देखे गये हैं और मौतों का आंकड़ा भारत से 55.2 प्रतिशत अधिक है।

 

अगर पूरे विश्व में मौतों का प्रतिशत देखा जाए तो विश्व में यह औसत 6.13 प्रतिशत है और भारत में  इस समय 2.80 प्रतिशत है जो पूरे विश्व में सबसे कम है। अगर प्रति लाख आबादी के हिसाब से कोरोना मौतों का आंकड़ा देखा जाए तो पूरे विश्व में यह 4.9 प्रतिशत है लेकिन भारत में यह मात्र 0.41 प्रतिशत प्रति लाख है और बेल्जियम जैसे देश में यह दर 82.9 प्रतिशत प्रति लाख है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(आईसीएमआर) ने पिछले दो माह से कोरोना परीक्षण की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया  है और अब हर राज्य और  केन्द्र शासित प्रदेशों  में कोरोना की परीक्षण सुविधा उपलब्ध हो चुकी है।

इस समय देश में 688 प्रयोगशालाएं कोरोना की जांच मे लगी हैं। मार्च माह में हमारी टेसिं्टग क्षमता 20 से 25 हजार प्रतिदिन की थी जो अब बढ़कर सवा लाख प्रतिदिन हो गई है। सरकार अब कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट प्लेटफार्म का इस्तेमाल कोरोना की जांच के लिए कर रही है। यह तपेदिक के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था और यह कोरोना के लिए कंफर्मेटरी टेस्ट है तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला स्तर के अस्पतालों में उपलब्ध है । इससे टेसिं्टग की क्षमता बढ़ गई है।

इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि इसमें ‘बॉयो सेफ्टी’ की कोई अधिक जरूरत नहीं है।  इसके अलावा जीन एक्सपर्ट प्लेटफार्म से टेस्ट करने की प्रकिया भी शुरू कर दी गई है और इसके लिए नई मशीन भी आर्डर की गई है। यह भी जिला स्तर पर उपलब्ध है। देश में भारतीय आरएनए एक्सट्रेक्शन किट्स काफी संख्या में उपलब्ध हैं। देश में कोरोना के संक्रमण का पता लगाने के लिए सीरो सर्वेक्षण किया जा रहा है और यह देश के 71 जिलों में जारी है। इसके नतीजे इस हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाने की उम्मीद है।  

 
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