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बिना लिए-दिए समय-सीमा में कार्य हो, यही सुशासन : CM शिवराज

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jan 26 2021 12:26AM | Updated Date: Jan 26 2021 12:27AM
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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों को दफ्तरों में बिना लिए-दिए और बिना चक्कर लगाए निश्चित समय-सीमा में सेवा प्राप्त हो, यही सुशासन है। इसी उद्देश्य से दस वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश में लोक सेवा प्रबंधन विभाग गठित कर नागरिकों को सेवाओं का प्रदाय शुरू किया गया।

चौहान आज यहां मिंटो हाल में ‘लोक सेवा एवं सुशासन के क्षेत्र में बढ़ते कदम’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे नागरिकों के समानता के अधिकार की भी रक्षा हुई है। उन्हें किसी कार्य के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है। मध्यप्रदेश से अन्य राज्य भी प्रेरणा लेकर ऐसा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से प्रदेश में सी.एम. सेवा 181 के माध्यम से फोन द्वारा ही सेवाएँ प्रदाय की जा रही हैं। इसका विस्तार करते हुए अब तीन और सर्वाधिक जन-उपयोगी सेवाएँ खसरा, खतौनी एवं नक्शे की प्रतिलिपि सी.एम. जनसेवा के माध्यम से प्रदाय की जाएगी। इसके साथ प्रदेश में वॉट्सएप चैटबॉट सर्विस भी शुरू की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 8-10 माह में भी अनेक नई सेवाएँ शुरू की गई हैं। इस व्यवस्था की जानकारी जन-प्रतिनिधियों द्वारा भी प्रचारित की जाए जिससे अधिक से अधिक लोग सेवाओं का लाभ ले सकें। कार्यक्रम मध्यप्रदेश में लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के सफलतम 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रेष्ठ कार्य करने वाले कलेक्टर्स और अन्य अधिकारी पुरस्कृत किए गए। सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविन्द सिंह भदौरिया और लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ भी उपस्थित थे।

चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी जनता है। मध्यप्रदेश मेरा मंदिर है और यहाँ की जनता मेरे लिए भगवान है। इस मंदिर का पुजारी शिवराज सिंह चौहान है। मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत अधिकारियों को बधाई देते हुए अधिकारी वर्ग से आव्हान किया कि वे उपलब्ध सेवाओं के संबंध में नागरिकों को अवगत करवायें। पूरी क्षमता के साथ टीम भावना से कार्य कर आमजन को ईंधन, ऊर्जा, समय, राशि आदि के अपव्यय से बचाकर बिना परेशान हुए आवश्यक सेवाएँ प्रदान करवाई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों से व्यवस्था दुरुस्त हो जाती है। जनता को दिक्कत -परेशानी देने वाले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस उद्देश्य से ही पब्लिक सर्विस डिलेवरी गारंटी कानून बनाया गया है। यह भी व्यवस्था की गई कि तय वक्त में काम न करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग करने से आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ दी जा सकेंगी।

चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में सेवा भाव सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश में जब लोक सेवाओं का प्रदाय प्रारंभ किया गया, तब कुछ ही सेवाएँ प्राप्त हो पाती थी। आज इनकी संख्या बढ़कर करीब 500 हो गई है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम आमजन के लिए कारगर सिद्ध हुआ है। लोक सेवा केन्द्र समय-सीमा में कार्यों का निपटारा कर रहे हैं। समाधान ऑनलाइन की व्यवस्था भी पुन: प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत चिन्हित समस्याओं का राज्य स्तर के अधिकारियों और संबंधित जिले के अधिकारियों की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निराकरण किया जाता है।

उन्होंने आव्हान किया कि कलेक्टर्स सुशासन के लिए इन सभी व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाए रखें। सी.एम. डैशबोर्ड के माध्यम से अब एक नया माध्यम आमजन को उपलब्ध होगा। उन्होंने इंदौर नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल द्वारा प्रसव के कुछ दिन पहले तक और प्रसव के दस दिन बाद ही अपने दायित्व के निर्वहन के लिए सजग और सक्रिय रहने की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक प्रेरक उदाहरण है। अन्य अधिकारी इसी तरह सेवाभाव से अपनी जिम्मेदारी को निभाएं।

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में लोक सेवा प्रबंधन और सुशासन क्षेत्र में हुई प्रगति के लिए मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, सेवानिवृत्त आईएएस मनोहर दुबे, पूर्व में मुख्यमंत्री के सचिव रहे और भारत सरकार में पदस्थ अनुराग जैन और कार्यपालक निदेशक मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा अभिकरण नंद कुमारम के प्रयासों की प्रशंसा की।

लोक सेवा प्रबंधन और सहकारिता मंत्री अरविन्द सिंह भदौरिया ने कहा कि देश के 24 राज्यों ने मध्यप्रदेश को आदर्श मानकर लोक प्रबंधन विभाग का गठन किया है। दस वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश में लोक सेवा और सुशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई। आज इस क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले राजधानी और जिलों में सम्मानित किए जा रहे हैं। करीब सात करोड़ समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।

चौहान ने कार्यक्रम में लोक सेवा में नई सुविधाओं सी.एम. जनसेवा, सी.एम. डैशबोर्ड पोर्टल, वाट्सएप चैटबॉट सुविधा और लोक सेवा गारंटी अधिनियम में संशोधन से मान्य अनुमोदन श्रेणी को जोड़ने के नवाचार का बटन दबाकर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सुशासन के क्षेत्र में मान्य अनुमोदन श्रेणी की चार नई सेवाओं को प्रारंभ करने की घोषणा की गई। इसमें एक सेवा विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग और तीन सेवाएँ उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग से संबंधित हैं।

कार्यक्रम में सुशासन और लोक सेवा प्रबंधन के क्षेत्र में हुए कार्य के संबंध में फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसमें गत एक दशक में संपन्न कार्यों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने लोक सेवा प्रबंधन विभाग की तरफ से लोक सेवा और सुशासन क्षेत्र में हुए नवाचार पर आधारित ई-पत्रिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री और मंत्री भदौरिया ने डॉ आशीष अग्रवाल की पुस्तक 'सुशासन' का विमोचन भी किया।

लोक सेवाओं के प्रदाय में उत्कृष्ट कार्य के लिए तीन जिलों का चयन हुआ है। इसके लिए कलेक्टर निवाड़ी आशीष भार्गव, कलेक्टर ग्वालियर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और कलेक्टर झाबुआ रोहित सिंह पुरस्कृत किए गए। इन्हें मुख्यमंत्री ने प्रमाण-पत्र दिए। तीन पदाभिहित अधिकारी भी उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किए गए। इनमें सतीश गंगराड़े इंदौर, श्यामली सेन गुप्ता सतना और शिवभूषण सिंह सतना शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होशंगाबाद जिले के प्रकाश चौरे से संवाद कर लोकसेवा के माध्यम से मिली सुविधा एवं प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। चौरे ने बताया कि उन्होंने सीएम जनसुविधा के अन्तर्गत सीएम 181 में कॉल कर स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था। उन्हें एक ही दिन में घर बैठे मोबाइल के व्हाट्सएप पर स्थानीय निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त हो गया। इस अवसर पर विधायक सीतासरन शर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने रायसेन और झाबुआ जिलों के लाभान्वित हितग्राहियों से भी संवाद किया।

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