यूरिक एसिड जोड़ों में भयानक दर्द और सूजन का कारण बनता है। इसका बढ़ना काफी परेशानी पैदा कर सकता है जिससे चलना तक मुश्किल हो जाता है। यूरिक एसिड बढ़ने पर हमारी डेली लाइफ प्रभावित होती है इसलिए हाई यूरिक एसिड को घटाने के उपाय करना बहुत जरूरी है। शरीर में यूरिक एसिड को मैनेज करने के लिए कई डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत होती है। न सिर्फ हमारा खानपान यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है बल्कि हम कैसी जीवनशैली को फॉलो कर रहे हैं ये भी मायने रखता है। आयुर्वेद का मानना है कि हाई यूरिक एसिड लेवल वात दोष के कारण होता है। इसलिए यूरिक को कम करने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ये भी बहुत जरूरी है। पत्तागोभी, शिमला मिर्च, बैंगन, बीन्स, चुकंदर और कुछ प्रकार की दालें हैं जिनसे परहेज करने की सलाह दी जाती है। अगर आप यूरिक एसिड को कम करने के तरीके तलाश रहे हैं तो यहां हम कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं जो यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
यूरिक एसिड को घटाने के कारगर घरेलू उपाय
1. गिलोय
गिलोय सबसे फायदेमंद आयुर्वेदिक चीजों में से एक है जिसका उपयोग इम्यूनिटी बढ़ाने और यूरिक एसिड लेवल को बैलेंस करने के लिए भी किया जाता है। एक गिलास गिलोय के रस का सेवन जोड़ों की सूजन को कम करने और शरीर के यूरिक एसिड लेवल को कम करने में मदद कर सकता है।
2. आंवला
आंवला एक सुपरफूड है जिसका उपयोग गठिया सहित कई बीमारियों से लड़ने के लिए किया जा सकता है। शरीर में यूरिक एसिड लेवल को कम करने के लिए कोई भी इस आयुर्वेदिक फूड पर भरोसा कर सकता है। विटामिन सी से भरपूर आंवला बेहद फायदेमंद माना जाता है, जिसका मतलब है कि आपको यूरिक एसिड कम करने वाली डाइट में अमरूद, संतरे और आंवला को डाइट में शामिल करना चाहिए। आंवले के जूस, कच्चे आंवले या मुरब्बे के जरिए आसानी से अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
3. त्रिफला
त्रिफला एक आयुर्वेदिक उपाय है जिसका उपयोग यूरिक एसिड को कम करने के लिए किया जा सकता है। यह तीन फलों से बनता है, इसमें बिभीतकी, आमलका और हरीतकी शामिल हैं। यह वात, पित्त और कफ सहित तीनों दोषों पर काम करता है। त्रिफला में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया के कारण होने वाले दर्द को भी कम कर सकते हैं।
4. दालचीनी
दालचीनी एक मसाला है जो सबसे पुराने मसालों में से एक है जिसका उपयोग आयुर्वेदिक उपचार के लिए भी किया जा जाता है। यह शरीर में यूरिक एसिड लेवल को बेअसर करने में फायदेमंद है। शहद के साथ दालचीनी का उपयोग करके काढ़ा बना सकते हैं और यह गठिया के रोगियों में यूरिक एसिड लेवल को कम करने में मदद कर सकता है।