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बॉलीवुड मशहूर सितारे जो.... हम छोड़ चले हैं महफिल को....

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 6 2020 12:40AM | Updated Date: Jun 6 2020 12:41AM
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मुंबई। कोरोना वायरस के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के बीच बॉलीवुड के कई सितारे बासु चटर्जी, ऋषि कपूर, इरफान खान, निम्मी, वाजिद खान समेत कई सितारों ने खामोशी से इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वर्ष 2020 जहां कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया के लिए अशुभ वर्ष साबित हुआ है वहीं इस वर्ष बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के लिये भी किसी सदम से कम नहीं। लॉकडाउन के बीच बॉलीवुड ने बासु चटर्जी ,ऋषि कपूर, इरफान खान, निम्मी, वाजिद खान, योगेश गौड़ समेत कई चमकते सितारों को खो दिया।
 
फिल्मी पर्दे पर 50 और 60 के दशक में अपना जलवा दिखाने वाली कलाकार निम्मी ने 25 मार्च को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। निम्मी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राजकपूर की फिल्म ‘बरसात’ से वर्ष 1949 में की थी। निम्मी ने अपने चार दशक लंबे कैरियर में लगभग 50 फिल्मों में अभिनय किया। निम्मी के करियर की प्रमुख फिल्मों में ‘आन’,‘अमर ,‘कुंदन’ ,‘भाई -भाई’ ,‘अंजली’ ,‘बंसत बहार’ ,‘चार दिल चार राहे’ और ‘मेरे महबूब’ और ‘आकाश’ शामिल है।
 
बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में अपने दमदार अभिनय का डंका बजाने वाले इरफान खान ने 29 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कह दिया। वह लंबे समय से कैंसर से जंग लड़ रहे थे और उनका उपचार विदेश में भी हुआ था। इरफान ने अपने सिने करियर की शुरूआत वर्ष 1988 में प्रदर्शित मीरा नायर की फिल्­म ‘सलाम बाम्­बे’ से एक छोटे से रोल के साथ की थी।
 
उनके करियर की उल्लेखनीय फिल्मों में ‘एक डॉक्टर की मौत’ ,‘द वारियर ’ , कसूर ,हासिल मकबूल ,लाइफ इन ए मेट्रो’ ‘द नेमसेक’ ,स्लमडॉग मिलिनेयर ,द अमेजिंग स्पाइडर मैन , जुरासिक वर्ल्ड , इन्फर्नो ,अ माइटी हार्ट, सैनिकुडु ,पान सिंह तोमर ‘लाइफ ऑफ पाइ’ ,गुनाह ,फुटपाथ ,आन: मेन एट वर्क ,चॉकलेट ,रोग ,साढ़े सात फेरे ,संडे ,क्रेजी 4,बिल्लू ,जज़्बा, पीकू, ये साली जÞन्दिगी, थैंक यू, राईट या राँग, हिस्स, नॉक आउट, एसिड फैक्ट्री, न्यूयॉर्क, साहब बीबी और गैंगस्टर रिर्टन्स ,डी डे ,गुंडे ,हैदर ,तलवार ,मदारी,अंग्रेजी मीडियम आदि शामिल है।
 
वर्ष 2011 में भारत सरकार ने इरफान खान को पद्मसे सम्मानित किया गया। इरफान खान की मौत से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि अगले ही दिन 30 अप्रैल को  दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ति थे। करीब एक  साल तक उनका अमेरिका में इलाज भी चला था लेकिन इसके बाद भी वो बीमारी से  जंग नहीं जीत पाए। ऋषि कपूर ने अपने सिने करियर की शुरूआत अपने पिता की  निर्मित फिल्म ‘‘मेरा नाम जोकर’’ से की।
 
वर्ष 1973 में अपने पिता राज कपूर के  बैनर तले बनी फिल्म ‘‘बॉबी’’ से बतौर अभिनेता ऋषि कपूर ने अपने सिने करियर  की शुरूआत की। इसके बाद ऋषि कपूर ने खेल खेल में ,रफूचक्कर, ,कभी-कभी, अमर  अकबर एंथनी ,हम किसी से कम नहीं ,सरगम ,कर्ज ,प्रेम रोग ,चांदनी ,लव आज कल  कभी कभी ,बदलते रिश्ते ,जमाने को दिखाना है ,कुली ,दुनिया,सागर ,नसीब अपना  अपना ,दोस्ती दुश्मनी,अजूबा ,हिना, बोल राधा बोल,दीवाना ,दामिनी, याराना  ,प्रेमगंथ ,दरार ,हमतुम ,फना,अग्निपथ ,नगीना,खुदगर्ज ,मुल्क ,डी डे  ,औरंगजेब ,लव आजकल ,दिल्ली 6,102 नाट आउट और द बॉडी जैसी कई फिल्मों में  काम किया।
 
वर्ष 1996 में ऋषि कपूर ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम  रखकर प्रेम ग्रंथ का निर्माण किया। वर्ष 1999 में ऋषि कपूर ने फिल्म आ अब  लौट चले का निर्माण और निर्देशन किया। दुर्भाग्य से यह फिल्म टिकट खिड़की  पर असफल साबित हुयी। अपने रचित गीतों से दर्शकों के बीच अमिट  छाप छोड़ने वाले योगेश गौड़ का निधन 29 मई को हो गया। योगेश ने साठ और  सत्तर के दौर में कई बेहतरीन गीत हिंदी सिनेमा को दिये। इनमें राजेश खन्ना  की सुपरहिट फिल्म आनंद के गीत ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ और ‘जिंदगी कैसी  है पहेली’ जैसे कालजयी गीत शामिल हैं। उन्होंने मुख्य रूप से ऋषिकेश  मुखर्जी और बासु चटर्जी की फल्मिों के लिए गीत लिखे।
 
योगेश ने फिल्म मिली  का 'आए तुम याद मुझे'  छोटी सी बात का 'न जाने क्यों होता है ये जिंदगी के  साथ', रजनीगंधा का 'कई बार यूं भी देखा है' के अलावा 'रिमझिम गिरे सावन  सुलग-सुलग जाए मन', 'न बोले तुम न मैंने कुछ कहा', 'बड़ी सूनी-सूनी है',  'जिंदगी ये जिंदगी' जैसे कई गीत लिखे।योगेश गौड़ ने एक रात, मिली, छोटी सी  बात, आनंद, आजा मेरी जान, मंजिलें और भी हैं, बातों-बातों में, रजनीगंधा,  मंजिल, आनंद महल, प्रियतमा, मजाक, दिललगी, अपने पराए, किराएदार, हनीमून,  चोर और चांद, बेवफा सनम, जीना यहां, लाखों की बात" जैसी फिल्मों के गीत  लिखे। योगेश ने एक लेखक के रूप में टेलीविजन धारावाहिकों में भी काम किया।
 
मधुर  संगीत और खनकती आवाज से श्रोताओं को दीवाना बनाने वाले संगीतकार जोड़ी  साजिद-वाजिद के वाजिद खान ने एक जून को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।वाजिद  खान ने अपने भाई साजिद खान के साथ मिलकर अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1998  में प्रदर्शित सलमान खान की सुपरहिट फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ से की  थी। साजिद-वाजिद की जोड़ी ने सलमान की कई फिल्मों में अपना दमदार संगीत  दिया।
 
गर्व, तेरे नाम, तुमको ना भूल पाएंगे, मुझसे शादी करोगी, पार्टनर,  वॉन्टेड, हैलो, गॉड तुस्सी ग्रेट हो, वीर, दबंग सीरीज, एक था टाइगर शामिल  हैं। साजिद-वाजिद की जोड़ी ने सोनू निगम की एल्बम ‘दीवाना’ में भी संगीत  दिया था। इस एल्बम के संगीत को काफी पसंद किया गया। वाजिद रियलिटी शो  ‘सारेगामापा सिंगिंग सुपरस्टार, सारेगामापा 2012 में मेंटर भी रहे थे और  उन्होंने टेलीविजन रियलिटी शो बिग बॉस-4 एवं बिग बॉस 6 के लिए टाइटल ट्रैक  भी बनाया था।
 
इसके अलावा भाइयों की इस जोड़ी ने आईपीएल-4 का थीम सांग भी  तैयार किया था। फिल्म दबंग में अपने दमदार संगीत के लिए उन्हें 2011 में  फिल्मफेयर पुरस्कार से भी नवाजा गया था। बॉलीवुड के मशहूर गीतकार अनवर सागर का 03 जून को निधन हो गया।अनवर ने 80 और 90 के दशक में बॉलीवुड की कई पॉपुलर फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं। अक्षय कुमार की सुपरहिट फिल्म ‘खिलाड़ी’ में अनवर सागर का लिखा गाना ‘वादा रहा सनम’ आज भी लोगों की जुबान पर रहता है।
 
ये दुआ है मेरी रब से , आशिकी में हर आशिक हो जाता है बदनाम ,कभी भूला कभी याद किया आदि सैकड़ों हिट गीत अनवर के नाम हैं। अनवर सागर ने नदीम श्रवण ,जतिन ललित, बप्पी लाहिरी, अन्नू मालिक संगीतकारों के लिए कई गीत लिखे हैं।अनवर सागर की प्रमुख Ÿिफल्मों में इलाका, सपने साजन के, दिल का क्या कसूर, याराना, सलामी, आ गले लग जा, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, विजयपथ, बेखुदी, खिलाड़ी, किशन कन्हैया, लश्कर आदि शामिल है।
 
गुदगुदाती रोमांटिक फिल्मों के महारथी बासु चटर्जी का निधन 04 जून को हो गया।बासु दा ने अपने करियर की शुरुआत ब्लिट्स पत्रिका में बतौर कार्टूनिस्ट की थी।भारतीय मध्य वर्ग की उलझनों और समस्याओं को पर्दे पर उकेरने की कला के महारथी बासु चटर्जी ने छोटी सी बात, बातों बातों में, खट्टा मीठा, चमेली की शादी, रजनीगंधा, चितचोर, पिया का घर, सारा आकाश, स्वामी, शौकीन जैसी एक से बढ़कर एक फिल्में बनाई।। दूरदर्शन के लिए उन्होंने रजनी, दर्पण, कक्काजी कहिन और ब्योमकेश बक्शी जैसे धारावाहिकों का निर्माण किया।
 
बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की फिल्म रेडी में अमर चौधरी का किरदार निभाने वाले मोहित बघेल का 23 मई को निधन हो गया।मोहित बघेल छोटी उम्र में कैंसर से जंग लड़ रहे थे। मोहित ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में कलर्स टीवी पर प्रसारित होने वाले शो 'छोटे मियां' से की। इस शो में उन्होंने अपनी कॉमेडी और एंिक्टग से लोगों को दिल जीत लिया। वर्ष 2011 में प्रदर्शित सलमान खान और असिन की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'रेडी' में मोहित 'छोटे अमर चौधरी' के किरदार में नजÞर आए।
इसके बाद मोहित ने फिल्म 'जबरिया जोड़ी' में भी अपने अभिनय का जौहर दिखाया। मोहित ,निर्देशक तिग्मांशु धूलिया की फिल्म 'मिलन टॉकिज' में भी दिखाई दिए थे। इन सबके साथ ही लोकप्रिय सीरियल 'रामायण' में सुग्रीव का किरदार निभाने वाले श्याम सुंदर कलानी ,टीवी अभिनेता मनमीत ग्रेवाल, सचिन कुमार साई गुंडेवर ,शफीक अंसारी ,रंजीत चौधरी समेत कई सितारों ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
 

 

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