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कोयले की कमी को लेकर गंभीर नहीं दिख रही मोदी सरकार: मनीष सिसोदिया

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 10 2021 5:42PM | Updated Date: Oct 10 2021 5:42PM
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नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पिछले तीन चार दिन से कोयले की कमी को लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को पत्र लिख रहे हैं। मगर इसी बीच रविवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रेसवार्ता की और कोयला की कमी को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने यहां तक कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री को पत्र नहीं लिखना चाहिए। इसे देख कर दुख हुआ है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी प्रेस कांफ्रेंस की और आपति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कोयले की कमी है लेकिन केंद्र सरकार कह रही है कि कोयले की कोई कमी नहीं है। बिजली घरों से हमें कोयले की कमी की सूचना मिल रही है। अगर केंद्र सरकार ने कोयला संकट को हल नहीं किया तो देश के सामने बहुत बड़ा संकट पैदा हो जाएगा।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्र समस्या के हल के लिए गंभीर नहीं है। इससे पहले कोरोना के संक्रमण के समय भी केंद्र कह रहा था कि आक्सीजन पर्याप्त है। जबकि आक्सीजन थी ही नहीं। केंद्र का यह रवैया ठीक नहीं है। सरकारें सहयोग से चलती हैं। अगर देश में कोयला का संकट है तो उसका हल मिल कर निकाला जाना चाहिए। आंखें बंद कर लेने से कोयला संकट दूर नहीं होगा। दिल्ली की स्थिति पर हमारी सरकार पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं। केंद्र सरकार को पहले ही ये जानकारी दे दी गई है कि यहां कोयले से चलने वाले प्लांट के पास मात्र 24 घंटे यानि एक दिन का ही कोयला शेष बचा हुआ है, ऐसे में इन प्लांटों को तुरंत ही कोयला उपलब्ध कराना चाहिए जिससे वो परस्पर चलते रहे मगर अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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