05 Apr 2020, 14:51:22 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर वर्ष 2017-18 के लिए गत 12 फरवरी  तक दो करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार करने वाले योग्य बड़े करदाताओं में से लगभग 92 ने वार्षिक जीएसटी रिटर्न दाखिल किया है। जिन करदाताओं ने नियत तिथि तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है, वे अभी भी वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए विलंब शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
 
जीएसटी के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक आईटी अवसंरचना जीएसटी नेटवर्क ने रविवार को यहां वार्षिक रिटर्न जीएसटीआर-9 और रेकन्सिलीऐशन स्टेटमेंट जीएसटीआर-9 सी दाखिल करने का आंकड़ा जारी किया। आंकड़ों के अनुसार योग्य बड़े करदाताओं में से 91.3 प्रतिशत ने 12 फरवरी तक अपना वार्षिक रिटर्न दाखिल किया, वहीं 92.3 प्रतिशत ने उक्त तिथि से पहले अपना रेकन्सिलीऐशन स्टेटमेंट दाखिल कर दिया था।
 
उल्लेखनीय है कि 2 करोड़ रुपये तक का वार्षिक कारोबार करने वाले करदाताओं के लिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करना वैकल्पिक है, जबकि 2 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार करने वाले करदाताओं के लिए यह अनिवार्य है। ऐसे करदाताओं को भी रेकन्सिलीऐशन स्टेटमेंट जिसे जीएसटीआर -9 सी के नाम से जाना जाता है , दाखिल करना होता है। इसे जीएसटीआर -9 दाखिल करने के बाद ही दाखिल किया जा सकता है।
 
दो करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले वाले करदाताओं की संख्या 12.42 लाख है। यह कुल 92.58 लाख नियमित जीएसटी करदाताओं का 13.4 प्रतिशत है। जिन करदाताओं का वार्षिक कारोबार 2 करोड़ रूपये तक का है और जिनके लिए वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर -9) दाखिल करना अनिवार्य नहीं है, उन्होंने भी बड़ी संख्या में रिटर्न दाखिल किया है। इसके अलावा, लगभग 1.04 लाख करदाताओं, जिनका वार्षिक कारोबार 2 करोड़ रुपये तक का था और जिनके लिए जीएसटीआर-9 सी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य नहीं था, उन्होंने भी रेकन्सिलीऐशन स्टेटमेंट दाखिल करने का विकल्प चुना। वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 बार बढ़ाई गई थी। 
 
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