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आने वाले समय में मचेगी तबाही, विद्वानों का दावा- 1 महीने में 3 ग्रहण लाएंगे प्रलय

By Dabangdunia News Service | Publish Date: May 30 2020 11:11AM | Updated Date: May 30 2020 11:12AM
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नई दिल्‍ली। 5 जून को चंद्र ग्रहण लगने वाला है।यह ग्रहण भारत में रहेगा लेकिन दिखाई नहीं देगा। बता दें कि 5 जून से 5 जुलाई तक  3 ग्रहण लगने वाले हैं। 2 सूर्य और एक चंद्रग्रहण।  आने वाले समय में मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने वाला है। क्योंकि एक महीने में तीन ग्रहण पड़ रहे हैं। वैज्ञनिकों के अनुसार भी ग्रहण शुभ नहीं होता है। खासकर जब एक साथ तीन ग्रहण पड़े तो यह हानिकारक हो सकता है। ज्योतिष के अनुसारइसलिए जून और जुलाई का मास ज्योतिष की नजर से खास है।
 
30 दिनों के अंतराल में 3 ग्रहण लगेगा, जिसमें दो चंद्रग्रहण होगा और एक सूर्य ग्रहण। 5 जून को चंद्रग्रहण फिर 21 जून को सूर्यग्रहण लगेगा। इसके बाद 5 जुलाई को फिर चंद्रग्रहण होगा। चंद्रग्रहण 5 जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन होगा, जबकि 21 जून को सूर्य ग्रहण आषाढ़ माह की अमावस्या पर होगा और 5 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा। बता दें कि 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में रहेंगा, लेकिन दिन में होने से यह दिखाई नहीं देगा। आने वाले एक माह में तीन ग्रहण शुभ नहीं हैं। पांच जून से लेकर पांच जुलाई के बीच दो चंद्र और एक सूर्य ग्रहण शुभ नहीं माना जा रहा है।
 
विद्वानों का विचार है जब भी एक माह में दो से अधिक ग्रहण होते हैं तो परिणाम शुभ नहीं होता है। इससे कई तरह की समस्या हो सकती है। ग्रहण 5 जून से चंद्र ग्रहण है जिसमे शुक्र वक्री और अस्त रहेगा। गुरु शनि वक्री जैसे तीन ग्रह वक्री रहेंगे, जिसके कारण प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा। शेयर बाजार से जुड़े हुए लोग सावधान रहें। यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर बुरा प्रभाव डालेगा। परिवार में वाद विवाद का सामना करना पड़ सकता है।
 
5 जून को लगने वाला चंद्रग्रहण भारत समेत यूरोप,एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में दिखाई देगा। रात के 11 बजकर 16 मिनट से ग्रहण शुरू हो जाएगा जो अगले दिन यानी 6 जून की सुबह 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। 12 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इस चंद्रग्रहण की कुल अवधि 3 धंटे 15 मिनट की होगी। सूर्य ग्रहण21 जून की सुबह 9 बजकर 15 मिनट से  दोपहर 15 बजकर 03 मिनट तक भारत, दक्षिण पूर्व यूरोप और एशिया 
 
5 जून के बाद चंद्रग्रहण लगने के बाद 21 जून को खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा। भारत के अलावा यह सूर्यग्रहण एशिया, अफ्रिका और यूरोप में दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगेगा। इसके बाद 5 जुलाई को भी चंद्रग्रहण लगेगा। लेकिन ये दोनों ग्रहण मांद्य ग्रहण हो जिस कारण से इनका किसी भी राशि पर कोई असर नहीं होगा। चंद्र ग्रहण सुबह 08 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 22 मिनट तक अमेरिका, दक्षिण पूर्व यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा।
 
जानिए 12 राशियों में किसकी चमकेगी आज किस्मत एक मास में तीन ग्रहण के साथ ही सूर्य, मंगल  व गुरू ग्रहों का परिवर्तन व वक्री होने की वजह से भयंकर आपदा के संकेत मिल रहे हैं इन ग्रहण की वजह से कहा जा रहा हैं कि  प्राकृतिक आपदा, जल प्रलय, विश्व स्तर पर युद्ध किसी राजनेता की हत्या जैसी घटनाएं घट सकती हैं। हर तरफ तबाही की मंजर दिखने की आशंका जताई जा रही है।
 
प्राकृतिक आपदाओं जैसे अत्याधिक वर्षा, समुद्री चक्रवात, तूफान, महामारी आदि से जन धन की हानि होने का खतरा है। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को जून के अंतिम माह और जुलाई में भयंकर वर्षा हो सकता है। इस साल मंगल जल तत्व की मीन राशि में पांच माह तक बैठेंगे। ऐसे में वर्षा असामान्य रूप से अत्यधिक होगी और महामारी का भय रहेगा। शनि, मंगल और गुरु इन तीनों ग्रहों के प्रभाव से विश्व में आर्थिक मंदी का असर साल भर बना रहेगा। ग्रहण के दिन हो सके तो भूल से भी चाकू ,हथियार या फिर भोजन ना करें। ग्रहण के दौरान हो सके तो मंत्र जाप करें ग्रहण के बाद स्नान दान करे। तो इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव कम होता है।
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