14 Dec 2019, 17:53:59 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
Sport

27 सालों से भारत ही भारी...

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 16 2019 1:43AM | Updated Date: Jun 16 2019 1:43AM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

मुम्‍बई। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में आज रविवार को दो बार की विश्व कप विजेता टीम भारत का मुकाबला चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से होना है। जहां भारत अपने पुराने रिकॉर्ड को बरकरार रखने की कोशिश करेगा वहीं पाक भी अपने पर लगे हार के दागों के सिलसिले को धोने की कोशिश करेगा। आइए पढ़ते हैं दोनों टीमों की ताकत-कमजोरी...
टीम इंडिया
बल्लेबाजी- भारत की सबसे मजबूत कड़ी बल्लेबाजी है। रोहित, विराट, केएल राहुल, एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या और केदार जाधव किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के सामने रन बनाने में माहिर हैं।
गेंदबाजी: जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार शुरुआती व अंतिम ओवरों में सधी हुई गेंदबाजी कर विकेट निकालने का माद्दा रखते हैं। स्पिन की कमान कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल के हाथ में है जो विकेट चटका सकते हैं।
फिल्डिंग- भारत-पाकिस्तान की टीमों में सबसे ज्यादा अंतर फिल्डिंग का है, भारतीय खिलाड़ी शानदार ग्राउंड फिल्डिंग व मुश्किल कैच लेकर मैच अपनी झोली में डाल सकते हैं।
चिंता- भारतीय ओपनर शिखर धवन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में चोटिल हो गए थे जिस कारण वे तीन सप्ताह तक क्रिकेट से दूर हैं और पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मैच में भी नहीं खेलेंगे।
 टीम पाकिस्तान
बल्लेबाजी- पाक ओपनरों पर अच्छी शुरुआत देने की सबसे अधिक जिम्मेदारी रहेगी। मिडिल ऑडर में शोएब मलिक, मोहम्मद हफीज और कप्तान सरफराज खान पर पारी को संभालने का दारोमदार रहेगा।
गेंदबाजी- पाकिस्तान की गेंदबाजी मोहम्मद आमिर पर निर्भर रहेगी। मिडिल ओवर में विकेट निकालने व रन रोकने की जिम्मेदारी मो. हफीज और शोएब मलिक की होगी।
फिल्डिंग- पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय क्षेत्ररक्षण रहा है। दोनों टीमों की तुलना में पाकिस्तान भारत के सामने बहुत पीछे है यह मैच में हार जीत का निर्णय कर सकता है।
क्रिकेट विश्व कप के इतिहास में भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक जितने भी मुकाबले खेले गए हैं उनमें भारत ने पाकिस्तान को जीत के स्वाद से दूर रखा है। भारत ने 2015 के विश्व कम में भी पाकिस्तान को हराकर अपना रिकॉर्ड कायम रखा था। दोनों देशों की टीमों के लिए यह मुकाबला जितना अहम है, उतना ही रोमांच के लिहाज से लाखों-करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस मुकाबले का इंतजार सिर्फ भारत और पाकिस्तान के फैंस को नहीं बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को रहता है। भारत और पाकिस्तान के बीच मैच का रोमांच ही अलग रहता है। क्रिकेट प्रेमियों के रोमांच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैच के टिकट हाथों-हाथ बिक जाते हैं। 
भारतीयों ने खरीदे मैच के 70 फीसदी टिकट
इंग्लैंड के ओल्ड ट्रैफर्ड में आज होने वाले भारत-पाकिस्तान के मुकाबले के 70 फीसदी टिकट भारतीय दर्शकों ने खरीद लिए हैं। इस ऐतिहासिक मैदान में कानपुर के लगभग 400 क्रिकेट प्रेमी भी विराट टीम का हौसला बढ़ाने के लिए रवाना हो चुके हैं। मैच में पाकिस्तानी फैंस की संख्या केवल 18 फीसदी होगी। विश्वकप में भारत-पाक मैच का लाइव दीदार करने की दीवानगी सिर चढ़कर बोल रही है। हाल ये है कि ट्रैवल ऑपरेटरों के पास सांस लेने की फुर्सत नहीं है। टी प्लस टूर्स एंड ट्रैवल्स के नॉर्थ इंडिया हेड राजूराज ने बताया कि इंडो-पाक मैच को लेकर लोग इस कदर दीवाने हैं कि टिकट के लिए चार गुना और पैकेज का दोगुना पैसा देने को तैयार हैं। आईसीसी की वेबसाइट क्रैश हो चुकी है और महज दस मिनट के लिए ही खुल रही है। 
 
भारत-पाकिस्तान मैच पर 'एड वॉर'
दिलचस्प बात यह है कि इस दिन फादर्स डे भी है। मैच से पहले दोनों देशों के बीच 'ऐड वॉर' छिड़ा हुआ है। पाकिस्तान ने एक तरफ जहां अपने ऐड में विंग कमांडर अभिनंदन के डुप्लिकेट का इस्तेमाल किया है तो वहीं भारत ने भी अपने ऐड में खुद को अप्रत्यक्ष तौर पर पाकिस्तान का 'अब्बू' बताया है। 'इस एड वॉर' को लेकर कई बड़े खिलाड़ियों की भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
भारत से हारता, हारता और हारता ही चला गया पाकिस्तान...
पहला मैच: क्रिकेट विश्व कप में भारत और पाकिस्तान की टीम का आमना-सामना 1992 में हुआ था। दोनों के बीच यह मुकाबला 4 मार्च 1992 को खेला गया। जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को 217 रनों का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तानी टीम 173 रन ही बना सकी और भारत ने ये मैच 43 रन से जीत लिया। हालांकि इस बार पाकिस्तान की टीम ने विश्व विजेता का खिताब अपने नाम किया था।
दूसरा मैच: 1996 के विश्व कप में एक बार फिर दोनों टीमें आमने-सामने आईं। ये मुकाबला 9 मार्च 1996 को बैंगलोर में खेला गया था। विश्व कप का यह क्वार्टल फाइनल मैच था। जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 287 रन बनाए। वहीं भारत के दिए लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान की टाम 248 रन ही बना सकी और दूसरी बार भी भारत ने जीत अपने नाम की।
तीसरा मैच: विश्व कप के इतिहास में भारत-पाकिस्तान के बीच तीसरा मुकाबला 8 जून 1999 को खेला गया। इस मैच में भी भारत ने पहले बल्लेबाजी की और 228 रनों का लक्ष्य पाकिस्तान को दिया। लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान ने 180 रन बनाए और 47 रनों से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला इंग्लैण्ड के मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान पर खेला गया था और अब 20 साल बाद यह मैदान एक बार फिर एक रोमांचक मुकाबले का गवाह बनेगा।
चौथा मैच: विश्व कप में भारत-पाकिस्तान के बीच चौथा मुकाबला एक मार्च 2003 में खेला गया। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी की और भारत के सामने 274 रनों का लक्ष्य रखा। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए चार विकेट गंवाकर छह विकेट से ये मुकाबला अपने नाम किया।
पांचवा मैच: भारत-पाकिस्तान की पांचवी भिडंÞत विश्व कप के 10वें संस्करण में 30 मार्च 2011 को हुई। दोनों टीमों ने पंजाब के मोहाली में सेमीफाइनल मुकाबला खेला। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत के लिए 261 रनों का लक्ष्य पाकिस्तान को दिया। जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 231 रन बनाकर ही पबेलियन लौट गई। भारत ने 29 रनों से यह मुकाबल जीता।
छठवां मैच: विश्व कप में भारत-पाकिस्तान की छठवीं मुलाकात एडिलेट ओवल में 15 फरवरी 2015 में हुई। इस बार भी भारत को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। जिसमें भारत ने 300 रन बनाकर एक बड़ा लक्ष्य पाकिस्तान को जीत के लिए दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान 224 रन ही बना पाई और एक बार फिर भारत के हाथों में जीत सौंपी। 
 
पाकिस्तान टीम में बदलाव
चार साल पहले 2015 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले के चार साल बाद पाकिस्तान की टीम में भी खासा बदलाव आया है। 2015 विश्व कप में पाकिस्तान मिस्बाह उल हल की कप्तानी में विश्व प्रतियोगिता में उतरा था, वहीं इस बार पाकिस्तान टीम की बागडोर सरफराज अहमद के हाथों में है। बल्लेबाजी के क्रम की बात करें तो 2015 में पाकिस्तान के तरफ से अहमद शहजाद और यूनिस खान सलामी बल्लेबाज थे। वहीं मध्यम क्रम में मिस्बाह उल हक, सोहेल मकसूद, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे टीम को मजबूती देने वाले खिलाड़ियों को रखा गया था। इस बार पाकिस्तान की सलामी जोड़ी के साथ-साथ मध्यम क्रम के ये बल्लेबाज मैदान में नहीं दिखाई देंगे। इनकी जगह फकर जमान और इमाम उल हक सलामी जोड़ी के रूप में नजर आएंगे तो वहीं मोहम्मद हफीज, सरफराज अहमद, बाबर आजम, बहाव रियाज, मोहम्मद आमिर मध्यम क्रम की कमान संभालेंगे। गेंजबाजी में भी काफी बदलाव किया गया है 2015 और 2019 में पाकिस्तान की गेंदबाजी को देखा जाए तो केवल बहाव रियाज ही अकेले ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने चार साल बाद भी टीम में अपनी जगह कायम रखी है। 
पाकिस्तान कैसे अलग है?
प्रमुख टीम पाकिस्तान की भी इंग्लैंड में खेले गए वर्ल्ड कप के दौरान जीत से अधिक हार हुई है। लेकिन इनमें से पाकिस्तान ही एकमात्र ऐसी टीम है जो दो बार सेमीफाइनल में तो एक बार फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही है। साथ ही आईसीसी के दो टूर्नामेंट चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप की विजेता भी रही है। यहां एक बात और महत्वपूर्ण है कि ये दोनों टूर्नामेंंट मौजूदा कप्तान सरफराज अहमद के नेतृत्व में ही खेले गए थे।
पाक - 2015 विश्व कप
साल 2015 का विश्व कप न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। इस टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी मिस्बाह उल हक ने की थी और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
 
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »