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दोस्ती के नए मुकाम पर पहुंचे भारत और ग्रीस, दिल्ली में ग्रीस के PM बोले: भारत आना सौभाग्य की बात

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Feb 21 2024 5:28PM | Updated Date: Feb 21 2024 5:28PM
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व भारत का कद दुनिया में लगातार बढ़ रहा है। फ्रांस से लेकर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान और सऊदी अरब जैसे देशों ने भारत के साथ अपनी साझेदारी को बेहद मजबूत किया है। इस कड़ी में अब एक और नया नाम जुड़ गया है, वह है ग्रीस का यानि कि यूनान। यूनान एक ऐसा देश है, जो दुनिया भर के लिए व्यापार का अहम केंद्र रहा है। यूनान के प्रधानमंत्री  किरियाकोस मित्सोटाकिस के साथ पीएम मोदी ने भारत की दोस्ती को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। यूरोप से लेकर अरब और खाड़ी देशों में भारत की लगातार मजबूत होती दोस्ती और बढ़ती साख से पड़ोसी पाकिस्तान और चीन हैरान हैं।

अब भारत और यूनान ने व्यापार, रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों के साथ ही आतंकवाद से निपटने के लिए अपने समग्र सहयोग को बढ़ाने एवं प्रवासन तथा गतिशीलता साझेदारी को मजबूत करने पर बुधवार को चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूनान के अपने समकक्ष किरियाकोस मित्सोटाकिस के साथ व्यापक वार्ता के दौरान समग्र रणनीतिक सहयोग के विस्तार पर प्रमुखता से चर्चा की। मित्सोटाकिस भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। यह 15 वर्षों में यूनान के किसी राष्ट्राध्यक्ष की भारत की पहली यात्रा है।

पीएम मोदी ने मीडिया में जारी एक बयान में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और यूनान की चिंताएं और प्राथमिकताएं एक समान हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने आतंकवाद से निपटने में अपने सहयोग को और मजबूत बनाने के बारे में विस्तार से चर्चा की।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा तथा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत और यूनान के बीच बढ़ता सहयोग दोनों पक्षों के बीच गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारत और यूनान के बीच प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की।’’ मोदी ने कहा कि भारत में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर खुल रहे हैं, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात पर सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों का बातचीत तथा कूटनीति के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए।’’ प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में यूनान की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक भूमिका का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कृषि क्षेत्र में भारत और यूनान के बीच सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

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