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कमलनाथ की पहल पर टाइम बाउंड क्लीयरेंस 2020 एक्ट का मसौदा तैयार

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jan 21 2020 4:35PM | Updated Date: Jan 21 2020 4:35PM
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भोपाल। मध्यप्रदेश में निवेश को आकर्षित करने, युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध करवाने और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर टाइम बाउंड क्लीयरेंस एक्ट 2020 का मसौदा तैयार किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के लिए मुख्यमंत्री की चार दिवसीय दावोस यात्रा के दौरान उद्योगपतियों को इस मसौदे के साथ ही राज्य सरकार की निवेश मित्र नीतियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
 
मुख्यमंत्री ने पिछले एक वर्ष में प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए जो प्रयास किए हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण है निवेशकों के अंदर विश्वास की वापसी के साथ ही ऐसे अनेक निर्णय लेना जिससे उद्योगपति मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित हुए हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि परिणाम देने के लिए यह जरूरी है कि हर काम का समय सुनिश्चित हो और निर्धारित अवधि में वह काम हो।
 
अपनी इस सोच को राज्य शासन की कार्य-संस्कृति में परिवर्तित करने के प्रयासों के साथ ही निवेश के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने विशेष पहल की है। उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को विभिन्न विभागों से समय पर उनके प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस मिले, इस संबंध में जल्द ही एक सुनियोजित नीति बनाई जाएगी, जिसे कानून का स्वरूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के दीर्घ प्रशासनिक, राजनैतिक और विकास को लेकर उनके दूरदर्शी अनुभवों के साथ टाईम बाउंड क्लीयरेंस एक्ट 2020 का मसौदा उनके मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है।
 
इससे किसी भी निवेशक को अपने उद्योग लगाने में अनुमतियां और स्वीकृतियां मिलने में देरी होने और अनावश्यक समय लगने से बचत होगी। मसौदे में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाना प्रस्तावित किया गया है। इसमें उद्योग स्थापित होने की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए समय की बाध्यता होगी।
 
टाइम बाउंड क्लीयरेंस एक्ट 2020 के कार्यरूप में परिणित होने पर लगभग ऐसी 24 सेवाओं, जो उद्योग स्थापित करने के लिए जरूरी है, को तत्काल मंजूरी मिल सकेगी। साथ ही 16 अन्य सेवाओं की स्वीकृति के लिए सात दिन का समय निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है। इस मसौदे में प्रस्तावित प्रावधानों से ज्वाईंट इंस्पेक्शन रेजिम की शुरूआत होगी, जिससे मध्यप्रदेश में ईज ऑफ डूईंग बिजनेस का वातावरण बनेगा।
 
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