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चेतन भगत का बड़ा बयान - बताई PM मोदी की ये तीन खामियां

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 3 2020 12:18AM | Updated Date: Jun 3 2020 12:19AM
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नई दिल्‍ली। कोरोना संकट के बीच भी राजनीति और बयानबाजी जारी है। इसी बीच भारत के फेमस लेखक चेतन भगत का एक बयान आया है। दरअसल आजतक चैनल से बात करते हुए चेतन भगत ने बेबाकी से अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने ट्विटर पर जिस तरह से राजनीति को लेकर आपस में ही लोगों की तकरार जारी है, उस पर भी बात की, और साथ ही पीएम मोदी को लेकर भी उन्होंने कई तरह की बातें की।
 
बातचीत के दौरान चेतन भगत ने ये भी बताया कि आखिर पीएम मोदी में वो तीन कौन सी खामियां हैं जो समझने की जरूरत है। दरअसल प्रोग्राम में इस विषय पर बहस चल रही थी कि आखिर किस तरह से इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी राय को रखने के बाद लोग लिखने वालों को ही ट्रोल करना शुरू कर देते हैं। साथ ही उनका ये भी कहना था कि जो लोग खराब बोलते हैं वो अच्छे को नहीं सुनना ही नहीं चाहते। जबकि अच्छाई करने वाले बुराई करने वाले को नहीं सुनना चाहते।
 
बातचीत के दौरान ही चेतन भगत ने पीएम मोदी के नाम को ही उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए कहा कि जैसे आप उन्हें पसंद करते हैं। लेकिन इस पसंद के साथ ही आपको उनकी तीन खामियों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इसी तरह यदि आप मोदी को बुरा भी मानते हैं तो उनके बारे में आपको तीन अच्छाईयां भी पता होनी चाहिए। तभी मैं इस बात को स्वीकार कर सकूंगा कि आपको राजनीति के बारे में सही जानकारी है। क्योंकि अच्छाई और बुराई हर व्यक्ति में होती है।
 
इसी दौरान जब चेतन भगत से ये सवाल किया गया कि आखिर वो तीन कौन सी बुराईयां हैं जो उन्हें पीएम मोदी में दिखाई देती हैं। इस सवाल का जवाब देते हुए चेतन भगत ने कहा कि मैं ये बता सकता हूं, इसमें कोई हिचकिचाने वाली बात ही नहीं है। इसके आगे उन्होंने कहा कि देश में मोदी की सेंट्रलाईस्ड कमांड है। यही वजह है कि उन्हें कोई और किसी तरह का सुझाव नहीं देता।
 
यहां तक कि कभी कोई उनसे परे सोच नहीं रखता। ऐसे में यदि मोदी जी कुछ गलत फैसले भी ले लेते हैं तो भी उन्हीं का फैसला बुरा लिया तो भी उन्हीं का ही फैसला होता है। इसलिए यदि बदलाव के तौर पर कुछ कुछ सोचा भी जाए तो ऐसा नहीं होता। जैसे अब प्रवासी मजदूरों के हालात को ही देख लीजिए।
इसके आगे भी चेतन भगत ने बात करते हुए कहा कि, मैं इस बात को समझ सकता हूं कि सारी देश का भार एक ही इंसान पर नहीं होना चाहिए। बल्कि सारे काम लोगों के बीच बंटे होने चाहिए. यदि कोई फैसला लिया भी जाता है तो उसमें खुद सुझाव भी रखने चाहिए। वो भी इस सोच के साथ, ताकि कोई गलती न हो। इतना ही नहीं सरकार को प्रेस कांफ्रेंस भी करना चाहिए। क्योंकि अब छुपाने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। इसलिए अब उन्हें खुद की गलतियों को ठीक करना चाहिए।
 
इसके अलावा चेतन भगत ने जीडीपी को लेकर भी मोदी सरकार पर कई सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि मोदी ने इकॉनमी पर ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि GDP के लिए जो भी नीतियां बनाई वो सफल नहीं हुई। जिसके हालात ये कि GDP ऊपर तक गया ही नहीं और इसका सारा खामियाजा आज हमें भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने पूरी दुनिया के हालात संकट में हैं, और हमारे हालात उनसे भी ज्यादा बुरे हैं. हम नहीं बोलेंगे तो देश कैसे बदलेगा। चमचा गिरी से क्या ही बदलाव आएगा।
 
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