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400 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ फैक्ट्री संचालक गिरफ्तार

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Apr 18 2021 12:01AM | Updated Date: Apr 18 2021 12:02AM
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धर्मशाला। देश में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण जहां अनेक लोग अकाल ही मौत के मुंह में समा रहे हैं वहीं लोगों की जान की कीमत पर कुछ विकृत मानसिकता के लोगों ने नकली दवा का धंधा खोज कर चांदी कूटने की जुगत निकाल ली है। ऐसे ही मौत के एक सौदागर को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में की इंदौरा पुलिस धर दबोचा है। मौत के इस सौदागर और कथित दवा फैक्ट्री संचालक डॉ. विनय शंकर से पुलिस ने कोरोना उपचार में काम आने वाली दवा रेमडेसिवर के 400 नकली टीके बरामद किये हैं।

अतिरिक्त ड्रग नियंत्रक आशीष रैणा ने मामले की पुष्टि करते हुये कहा है कि जब्त इंजेक्शन लगाने से इंसान की जान भी जा सकती है। उन्होंने बताया कि आरोपी सूरजपुर स्थित अपनी ट्यूलिप प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी में खुद नकली इंजेक्शन बनाता था। पेंटाजोल टेबलेट बनाने वाली इस कम्पनी ने मार्च 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद उत्पादन बंद कर दिया था और कर्मचारियों को छुट्टियां दे दी थी। कम्पनी में दो स्थानीय लोग देखभाल के लिए रखे गए थे।

अगस्त 2020 तक आरोपी करीब 20 बार कम्पनी में अकेला आया और बंद कमरे में काम करता था। इस दौरान उसने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन भी तैयार किए। स्थिति सामान्य होने के बाद दिसम्बर के बाद फैक्टरी में पुन: उत्पादन शुरू हो गया था। उसने अगस्त से नवम्बर के बीच जरूरत के हिसाब से रेमडेसिविर इंजेक्शन तैयार कर लिए थे। उल्लेखनीय है कि आरोपी ने अपनी फैक्टरी के प्रबंधक पिंकू के माध्यम से अतिरिक्त ड्रग नियंत्रक आशीष रैणा के पास इंजेक्शन बनाने के लिए आवेदन किया था लेकिन अधिकारी ने तर्क दिया कि इस इंजेक्शन की स्वीकृति स्वास्थ्य मंत्री और केंद्र सरकार देती है।

स्वीकृति न मिलने के बाद आरोपी अपने स्तर पर नकली इंजेक्शन मध्य प्रदेश पहुंचा दिए। रैणा ने बताया कि मामला सामने आने के बाद उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर धर्मशाला प्यारे लाल और पुलिस थाना डमटाल की टीम के साथ सूरजपुर स्थित कम्पनी में दबिश की। इस दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन तो नहीं मिले लेकिन टीम को यहां कई अनियमितताएं मिली हैं। इस कारण से उक्त फैक्टरी में उत्पादन बंद कर दिया गया है। वहीं, उपायुक्त कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि विनय की गिरफ्तारी के बाद अतिरिक्त दवा नियंत्रक को मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए है। उन्होंने खुद वीरवार शाम को पुलिस टीम के साथ जाकर कम्पनी में जांच की थी।

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