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कमलनाथ ने नाबार्ड के स्टेट फोकस पेपर का विमोचन किया

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Feb 27 2020 2:25PM | Updated Date: Feb 27 2020 2:25PM
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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश को देश की 'हार्टिकल्चर कैपीटल' बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र किसानों की समृद्धि के द्वार खोलने वाला क्षेत्र है। यह कृषि क्षेत्र का भविष्य है। यह उन्होंने कहा कि नाबार्ड को हार्टिकल्चर क्षेत्र में ऋण देने का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 15 प्रतिशत तक रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बड़ी मात्रा में अनुपयोगी पड़ी राजस्व भूमि का उपयोग उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार में किया जा सकता है।  

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कमलनाथ यहां मंत्रालय में नाबार्ड की ओर से आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी 2020-21 में स्टेट फोकस पेपर का विमोचन कर रहे थे। नाबार्ड ने प्रदेश के लिये एक लाख 98 हजार 786 करोड़ रूपये के ऋण का आकलन किया है। यह पिछले साल से 13 प्रतिशत ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कृषि क्षेत्र में भी नई दृष्टि और नई सोच के साथ काम करने की आवश्यकता है। पूरा दृश्य बदल रहा है। पहले छोटे दानों जैसे कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा पर ज्यादा ध्यान नहीं था। आज इन फसलों की प्राथमिकता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबार्ड के पास वर्षों का संचित अनुभव और बौद्धिक क्षमता है। इसका उपयोग भविष्य में निर्मित होने वाले परिदृश्य में उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि नाबार्ड को न सिर्फ वर्तमान बल्कि 2024-25 की योजना भी अभी से तैयार करना पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आज जो स्थितियाँ हैं, वे पाँच साल बाद बदल जाएगी। आज तय किए गए लक्ष्य आसानी से पूरे हो जाएंगे, लेकिन भविष्य की दृष्टि से नए लक्ष्यों की चुनौती को भी स्वीकार करना होगा।

कमलनाथ ने कहा कि नाबार्ड ने मध्यप्रदेश और देश के कृषि अधोसंरचना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अभूतपूर्व योगदान दिया है। नाबार्ड ने जो ज्ञान अर्जित किया है उसका उपयोग भविष्य में अपनी सोच को विस्तार देने में करना होगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए जो प्लान बनाये है वे देश के लिए भी उपयोगी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती युवाओं की बेरोजगारी है, क्योंकि वे शहरों और गांवों के बीच भटक रहे हैं। युवाओं को नई तकनीक और तकनीकी कौशल से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कृषि को आधुनिक बनाना होगा।

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