04 Jul 2020, 15:28:54 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

नई दिल्ली। धनकुबेर मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के राइट्स इश्यू को लाकडाउन के कारण तरलता की तंगी और शेयर बाजारों की उठापटक के बावजूद निवेशकों का चौतरफा जोरदार समर्थन मिला और  आकार से डेढ़ गुना से अधिक अभिदान की बोलियां प्राप्त हुई हैं। बीस मई को खुला इश्यू बुधवार को बंद हुआ और इसे 159 प्रतिशत अभिदान मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने  राइट्स इश्यू से  53,124 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है जबकि उसे 84 हजार करोड़ रुपए से अधिक की बोलियां मिली हैं।
 
राइट्स इश्यू को  सार्वजनिक हिस्से वाले वर्ग से  निवेशकों का 1.22 गुना अभिदान मिला। कंपनी पिछले तीन दशक में यह पहला राइ्टस इश्यू लाई जो देश का अब तक का सबसे बड़ी राशि का राइट इश्यू है। यही नहीं यह किसी गैर-वित्तीय कंपनी का पिछले एक दशक में लाया गया विश्व का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू है। कंपनी ने राइट इश्यू के तहत 42.26 करोड़ शेयर ऑफर किए थे जबकि जो बोलियां आईं हैं उनका अनुमानित मूल्य करीब 84 हजार करोड़ रुपये है।
 
राइट्स इश्यू के ओवरसब्सक्राइब होने का तात्पर्य है कि शेयरधारकों ने अपने एंटाइटेलमेंट से अधिक शेयरों के लिए आवेदन किया है। राइट्स इश्यू समिति की इक्विटी शेयरों के आवंटन को मंजूरी देने के लिए कंपनी निदेशक मंडल की बैठक 10 जून को होगी। राइट्स इश्यू शेयर की बीएसई और एनएसई पर अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति पहचान नंबर (आईएसआईएन) के तहत 12 जून  को सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। राइट्स इश्यू की सफलता पर टिप्पणी करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘मैं अपने प्रिय एवं सम्मानित शेयरधारकों को इस राइट्स इश्यू में भाग लेने के लिए और देश  के पूंजी बाजार के इतिहास में नए प्रतिमान स्थापित करने और इसे गर्व का प्रतीक बनाने के लिए हृदय से धन्यवाद व्यक्त करता हूं।
 
उन्होंने आगे कहा," रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड संस्थापक धीरूभाई अंबानी के समय से ही हमारे शेयरधारक हमेशा से हमारी सबसे बड़ी शक्ति रहे हैं। विश्वास पर आधारित हमारे दशकों पुराने संबंध ने हमें लगातार बेहतर लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया है। रिलायंस के भविष्य में शेयरधारकों के इस असाधारण विश्वास को हम विनम्रतापूर्वक प्रसन्नता के साथ स्वीकार करते हैं। हमारा विजÞन हमेशा से देश की समावेशी और तीव्र वृद्धि में निहित है, जो केवल डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाने से संभव है, यह 130 करोड़ भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
 
राइट्स इश्यू में शेयरधारकों का जबरदस्त विश्वास हमें आश्वस्त करता है कि हमारे शेयरधारक हमारे विजन और मिशन का पूर्ण समर्थन करते हैं। उनका समर्थन हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा क्योंकि हम एक नए भारत के लिए एक नया रिलायंस बनाने की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं। अंबानी ने कहा " राइट्स इश्यू की सफलता को कोविड-19 महामारी की वजह से देश भर में लॉकडाउन के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यह सफलता भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत में घरेलू निवेशकों, विदेशी निवेशकों और छोटे खुदरा शेयरधारकों के अंतर्निहित विश्वास का भी प्रतीक है। मुझे कोई संदेह नहीं है कि भारतीय अर्थव्यवस्था फिर गतिमान होकर आने वाले समय में उच्च-विकास दर हासिल करके भारत को विश्व में एक अग्रणी डिजिटल राष्ट्र बनाएगी।
 
’’ रिलायंस का राइट्स इश्यू सोमावार को ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका था। आखिरी दो दिन में इसके और अधिक सब्सक्राइब होने की उम्मीद थी। इस तरह के राइट्स इश्यू में संस्थागत निवेशक आखिरी दिनों में ही शेयर को खरीदने की सहमति देते हैं इसलिए आखिरी दो दिनों में राइट्स इश्यू के खरीददारों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला। रिलायंस ने 15 शेयरों पर एक शेयर राईट इश्यू के तहत देने की पेशकश की है। कंपनी 10 रुपये कीमत का शेयर 1247 रुपये प्रीमियम के साथ 1257 रुपये पर देगी। बुधवार को कारोबार की समाप्ति पर रिलायंस का शेयर बीएसई में 1542.45 रुपये पर बंद हुआ था।
 
इश्यू दस्तावेज के अनुसार रिलायंस तीन-चौथाई राशि को अपना रिण उतारने पर खर्च करेगी। कानूनी और अन्य खर्चों को निकालने के बाद रिलायंस को इश्यू से 53036.13 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। शेयरधारकों को इश्यू की राशि तीन किस्तों 25 प्रतिशत आवेदन के समय इतनी ही अगले वर्ष मई और शेष नवंबर में अदा करनी है। कंपनी ने इससे पहले 1991 में परिवर्तनीय डिबेंचर से सार्वजनिक रुप से धन जुटाया था। बाद में 55 रुपये मूल्य पर डिबेंचर्स को शेयर में तब्दील किया गया था।
 
मुकेश अंबानी की योजना अगले वर्ष तक रिलायंस को ऋणमुक्त करने की है। इस वर्ष मार्च तक  336294 करोड़ रुपये का ऋण था और 175259 करोड़ रुपये की नगदी थी। इस प्रकार कंपनी के ऊपर 1,61,035 करोड रुपये का शुद्ध ऋण था। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल ही में अपनी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफार्म में  फेसबुक ,सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, केकेआर और जनरल अटलांटिक को बेचकर कुल 78,562 करोड़ रुपये की राशि जुटाई है। 
 
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