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कोई शाह, सुल्तान, सम्राट नहीं तोड़ सकता वादा: कमल

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Sep 17 2019 1:12AM | Updated Date: Sep 17 2019 1:12AM
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चेन्नई। अभिनेता से नेता बने मक्कल निधि मैय्यम अध्यक्ष कमल हासन ने सोमवार को एक वीडियो जारी कर केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह की ‘एक राष्ट्र, एक भाषा’ के सुझाव पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि अगर इसे बढ़ावा दिया गया तो जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन से भी बड़ा आंदोलन होगा। हासन ने यहां केंद्र सरकार को ‘एक देश, एक भाषा’ को बढ़ावा देने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी और इस मसले पर एक वीडियो जारी कर अप्रत्यक्ष रूप से शाह पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा,‘‘अनेकता में एकता के वादे के साथ देश 1950 में गणतंत्र बना और अब कोई शाह, सुल्तान या सम्राट इससे इनकार नहीं कर सकता।’’  हासन ने कहा कि वह सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं लेकिन उनकी मातृभाषा हमेशा तमिल रहेगी। उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा कि इस बार एक बार फिर भाषा के लिए आंदोलन होगा और यह जल्लीकट्टू आंदोलन से भी बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि भारत या तमिलनाडु को अभी ऐसी जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा,‘‘जल्लीकट्टू तो सिर्फ विरोध प्रदर्शन था। हमारी भाषा के लिए आंदोलन उससे कई गुना ज्यादा होगी। राष्ट्रगान भी बांग्ला में होता है, उनकी मातृभाषा में नहीं। वह जिस बात का प्रतीक है, उसकी वजह से हम उसे गाते हैं और इसलिए क्योंकि जिस शख्स ने उसे लिखा, वह हर भाषा को अहमियत और सम्मान देते थे।’’ हासन ने कहा, ‘‘भारत एक संघ है जहां सभी सौहार्द के साथ मिलकर बैठते हैं, खाते हैं। हमें बलपूर्वक खिलाया नहीं सकता।’’ गौरतलब है कि हिंदी दिवस पर आयोजित समारोह में शाह द्वारा एक देश-एक भाषा के सिद्धांत की वकालत किये जाने के बाद अब दक्षिण भारत के राजनीतिक दल इसके विरोध में उतर आए हैं। तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम के प्रमुख एम के स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपनी नीतियों में तमिलनाडु के साथ भेदभाव कर रही है और यहां के लोगों पर जबरन हिंदी भाषा को थोपा जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को एक साथ आने और केंद्र का पुरजोर विरोध करने की मांग की है। 

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