21 Jul 2019, 04:12:25 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
news

इमरान की उड़ी नींद ये एक फैसला 'कंगाल' पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा देगा

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 16 2019 1:57AM | Updated Date: Jun 16 2019 1:57AM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि जब से सरकार में आया हूं तब से बहुत बड़े दबाव में हूं. आपको बता दें कि अगले हफ्ते FATF की बैठक में पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। अगर पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट हो जाता है. उसे कोई भी बड़ी संस्था कर्ज़ नहीं देगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की नींद पूरी तरह से उड़ चुकी है. उनका सबसे बड़ा डर अगले हफ्ते होने वाली एक खास बैठक है। इस बात का अंदाजा उन्हें हालिया बयानों से पता लगने लगा है. इमरान खान ने देश के नाम संबोधन में कहा हैं कि 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज़ 6000 अरब पाकिस्तानी रुपए से बढ़कर 30 हज़ार अरब पाकिस्तानी रुपए तक पहुंच गया है। इससे देश के पास अमेरिकी डॉलर की कमी हो गई। हमारे पास इतने डॉलर नहीं बचे कि हम अपने कर्ज़ों की किस्त चुका सकें. मुझे डर हैं कि कहीं पाकिस्तान डिफॉल्टर ना हो जाए।

आपको बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों पर एक्शन लेने में नाकाम रहा पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा ब्लैकलिस्ट हो सकता है। आतंकी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करने पर पाकिस्तान पहले से ही FATF की ग्रे लिस्ट में है। इसके बाद पाकिस्तान को जैश और लश्कर के खिलाफ कार्रवाई करने का वक्त दिया गया था और उसे 27 एक्शन प्लान बताए गए थे। 16-21 जून के बीच होगा बड़ा फैसला- एफएटीएफ की अगली बैठक ओरलैंडों में 16 जून से 21 जून के बीच होगी. यहां पर पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस बीच पाकिस्तान एक बार फिर से इस मीटिंग में अपने बचाव के लिए जवाब तैयार कर रहा है. अगर पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट हो जाता है. उसे कोई भी बड़ी संस्था कर्ज़ नहीं देगी. ऐसे में उसके डिफॉल्ट होने का खतरा बढ़ जाएगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को सता रहा है डर- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने हालिया बयान में कहा है कि पाकिस्तान बुरे हालात से गुज़र रहा है. अगर फंडिंग रुक गई तो देश डिफॉल्ट हो जाएगा. मतलब साफ है कि बोरियों में रुपए भरकर ले जाते तो कुछ रोटियां मिलतीं। हमारा हाल भी वेनेज़ुएला वाला हो जाता. जब से सरकार में आया हूं तब से इसी दबाव में रहा. शुक्र है कि हमारे दोस्त मुल्क यूएई, सऊदी अरब और चीन से से मदद मिली। क्या है FATF- यह दुनिया भर में आतंकी संगठनों को दी जाने वाली वित्तीय मदद पर नजर रखने वाली इंटरनेशनल एजेंसी है. यह एशिया-पैसिफिक ग्रुप मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग, जनसंहार करने वाले हथियारों की खरीद के लिए होने वाली वित्तीय लेन-देन को रोकने वाली संस्था है. इस संस्था की रिपोर्ट के आधार पर FATF कार्रवाई करती है। 

  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »