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छात्रा ने गिनाईं समस्याएं तो राहुल बोले, ‘मोदी जी से पूछो’

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Apr 17 2018 1:13PM | Updated Date: Apr 17 2018 1:13PM
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अमेठी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे में बड़ी असहज स्थिति का भी सामना करना पड़ा। एक स्कूल में कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सवालों की झड़ी लगा दी। इसके बाद तो उनके हर सवाल का जवाब बस एक ही था। यह तो आप मोदी जी से पूछिए या फिर यह तो आप लोग योगी जी से पूछिए। अमेठी जिला तो अब योगी आदित्यनाथ जी चला रहे हैं। बिजली व पानी की समस्या का हल तो उनके ही पास है।

राहुल गांधी कल तीन दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे। इस दौरान एक स्कूल में कार्यक्रम को संबोधित करने लगे। उन्होंने स्कूली छात्र-छात्राओं के पास जाकर उनसे बात की। इस दौरान उनकी कुछ छात्राओं से दिलचस्प बातचीत होने लगी। सवालों की झड़ी लगने के बाद तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बैकफुट पर आने लगे।
 
राहुल  गांधी से एक लड़की ने पूछा कि देश में जो कानून बनते हैं उन्हें ग्रामीण इलाकों में सही से लागू क्यों नहीं किया जाता है। इसके जवाब में राहुल ने तुरंत कहा, यह सवाल तो आप मोदीजी से पूछिए। सरकार मोदीजी चला रहे हैं। मेरी सरकार थोड़ी ही है। जब हमारी सरकार होगी तब पूछना। हमारी सरकार नहीं है, जब हमारी सरकार होगी तो हम जवाब देंगे। इस पर छात्रा ने कहा कि अमेठी को लेकर ही बोल दीजिए कि यहां पर बिजली-पानी जैसी सुविधाएं क्यों नहीं हैं।
 
इस पर राहुल ने जवाब दिया कि अमेठी को तो योगीजी चला रहे हैं। मेरा काम लोकसभा में कानून बनाने का है, अमेठी तो उन्हें चलाना है। न ही वह बिजली दे रहे हैं, ना पानी दे रहे हैं। यह सब काम उन्हें करने चाहिए, लेकिन वह तो कुछ और कर रहे हैं। योगी जी का काम यूपी को चलाने का है और योगी जी दूसरा काम कर रहे हैं। बिजली, पानी, शिक्षा का काम नहीं कर रहे हैं और क्रोध फैला रहे हैं।
 
राहुल गांधी के इस जवाब पर सभी ने हंस दिया लेकिन यह साफ नहीं हो सका कि राहुल गांधी ने इस तरह का जवाब जानबूझकर दिया या गंभीर होकर। राहुल गांधी का जवाब सही नहीं था, सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में हर वर्ष लोकल एरिया स्कीम के तहत पांच करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं। इसके अलावा भी सांसदों के अपने क्षेत्र में कई काम होते हैं। संसद में भूमिका के अलावा एक सांसद का अपने राज्य या निर्वाचन क्षेत्र के विकास में काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है। उसे हर साल स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत अपने क्षेत्र पर पांच करोड़ रुपए खर्च करने के लिए आवंटित किए जाते हैं।
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