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केन्द्र और राज्यों के बीच कर राजस्व का वितरण चुनौतीपूर्ण: सिंह

By Dabangdunia News Service | Publish Date: May 21 2019 10:38PM | Updated Date: May 21 2019 10:38PM
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नई दिल्ली। 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन के सिंह ने कहा कि आर्थिक संरचना, आबादी संबंधी प्रबंधन और प्रशासनिक व्­यवस्­था की दृष्टि से राज्­यों से जुड़े विशिष्­ट मुद्दों को ध्­यान में रखते हुए केंद्र और राज्­यों के बीच कर राजस्­व का समुचित वितरण करना चुनौतीपूर्ण है। सिंह ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के 10वें वार्षिक दिवस पर आयोजित व्याख्यान में कहा कि उनकी कोशिश  समानता की सराहना करते हुए दक्षता को पुरस्­कृत करने की होगी। उन्होंने एक समान अवसर सुनिश्चित करने वाले एक बाजार नियामक के रूप में भारतीय प्रतिस्­पर्धा आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बड़ी तेजी से वैश्वीकृत एवं आपस में निर्भर होती दुनिया में आयोग की भूमिका को अत्­यंत गतिशील एवं जीवंत बनाने की जरूरत है। उन्­होंने इस तथ्­य को भी रेखांकित किया कि बड़ी तेजी से वैश्वीकृत एवं आपस में निर्भर होती दुनिया और भी ज्­यादा निजी निवेश आकर्षित करने में समर्थ होगी एवं राज्­य सरकारें अपने यहां सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने में इससे लाभ उठा सकती हैं।

सिंह ने एक बाजार नियामक गठित करने की आवश्­यकता बताते हुये कहा कि बाजारों में समुचित प्रतिस्­पर्धा संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करती है और इसके साथ ही नवाचार भी संभव हो पाता है। उन्­होंने कहा कि भारत में अब तक जो आर्थिक सुधार लागू किए गए हैं, उनके तहत मुख्­यत: उत्­पाद बाजार पर फोकस किया गया है और अब समय आ गया है कि फैक्­टर मार्केट पर भी फोकस किया जाए, जिनमें श्रम एवं भूमि कानूनों में सुधार और पूंजी तक पहुंच सुनिश्चित करना शामिल हैं। इससे पहले भारतीय प्रतिस्­पर्धा आयोग के अध्­यक्ष अशोक कुमार गुप्­ता ने कहा कि आयोग एक युवा, लेकिन अनुभवी नियामक है और इसने संबंधित कानूनों पर विश्­वसनीय ढंग से अमल और हितधारकों के साथ नियमित संवाद के जरिए बाजारों में प्रतिस्­पर्धा की संस्­कृति विकसित करने की कोशिश की है।  

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