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Health

महिलाओं में स्तन कैंसर के मामलों में बढ़ोत्तरी

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Oct 31 2019 2:34AM | Updated Date: Oct 31 2019 2:34AM
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नई दिल्ली। देश के महानगरों में महिलाओं में स्तन कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है और एक अनुमान के अनुसार प्रत्येक आठ में एक महिला में उसके जीवन काल में स्तन कैंसर होने की आंशका है। इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने इस माह देश भर में स्तन कैंसर जागरूकता अभियान चलाया और विभिन्न महिलाओं की स्तन कैंसर जांच की है। गौरतलब है कि अक्टूबर माह स्तन कैंसर जागरूकता माह  है। राजधानी दिल्ली में ही छह हजार से अधिक महिलाओं की स्तन कैंसर स्क्रीनिंग की गई है।
 
अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट (सर्जिकल ओंकोलोजी) डा. रमेश सरीन के मुताबिक  स्तन कैंसर का अगर समय रहते पता लग जाए तो यह 100 प्रतिशत उपचार योग्य है। समय पर निदान और नियमित जांच से स्तन कैंसर से बचाव मुमकिन है। उन्होंने स्तन कैंसर को लेकर इस धारणा को भी गलत बताया कि यह छोटे स्तन वाली और काले रंग की ब्रा पहनने वाली महिलाओं में अधिक होता  है। उनका कहना है कि इस तरह की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए ।
 
इसके बजाए वास्तविकता है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश में जो आंकडे सामने आ रहे हैं उनमें 20 से 30 वर्ष की महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले देखे जा रहे है क्योंकि इस उम्र में महिलाए जंक फूड और प्रोसेस्ड  फूड का सेवन अधिक करने लगी है। बार बार गर्म किए जाने वाले तेल का सेवन करने से भी स्तन कैंसर होने की आंशका अधिक रहती है क्योंकि इससे फ्री रेडिकल्स अधिक बनते हैं और इससे कैंसर कोशिकाओं के विकसित होने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है।
 
कैंसर विशेषज्ञ डा. सिद्धार्थ साहनी ने बताया कि पश्चिमी देशों में जहां महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले 50 से 70 वर्ष की आयु में सबसे अधिक दर्ज किए जाते हैं वहीं भारत में ऐसे मामले 40 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं में अधिक देखे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं में  निष्क्रिय जीवन शैली, अधिक उम्र में विवाह करना, बच्चे पैदा नहीं करने की प्रवृति, शराब पीना और धूम्रपान करना , पहले बच्चे के समय अधिक आयु होना, मोटापा और चीनी तथा वनस्पति तेलों का सेवन इसके कारक हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद महिलाओं को समय समय पर स्तनों की जांच और कैंसर के बारे में जागरूक बनाना है।
 
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