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शुमार एटमबर्ग का 5 साल में प्रीमीयम बाजार के 1/3 से अधिक हिस्से पर कब्जे का लक्ष्य

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Nov 21 2019 8:08PM | Updated Date: Nov 21 2019 8:08PM
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अहमदाबाद। आईआईटी मुंबई के दो छात्रों द्वारा स्थापना के पांच साल के भीतर ही बिजली की जबरदस्त बचत वाले अपने उत्पादों के चलते भारत की पांच सर्वाधिक ऑनलाइन बिक्री वाली पंखा निर्माता कंपनियों में शुमार हो गयी एटमबर्ग टेक्नोलॉजिज ने आज कहा कि रिमोट के अलावा एलेक्सा अथवा गूगल असिस्टेंट एैप आदि के जरिये भी नियंत्रित होने वाले अपने पंखों और भविष्य के कुछ अन्य नये उत्पादों के बल पर उसने अगले पांच साल में एक हजार करोड़ रूपये का कारोबारी लक्ष्य रखा है जो देश के प्रीमीयम पंखा बाजार के एक तिहाई हिस्से से भी अधिक होगा। कंपनी के सह संस्थापक तथा सीओओ सिबब्रत दास ने नवीनतम आईओटी स्मार्ट पंखों के गुजरात में लांच के मौके पर पत्रकारों से यह भी कहा कि मोटर की कार्यक्षमता को शोध के जरिये बेहतर बनाने पर जोर देने वाली उनकी कंपनी आने वाले समय में स्मार्ट एयर कूलर समेत कुछ अन्य मोटर चालित उत्पाद भी बाजार में लायेगी।
 
दास ने कहा कि एक अध्ययन के मुताबिक भारत में 24 करोड़ से अधिक पंखे हैं और पुराने मोटर तथा ब्लेड के कारण ये अधिक बिजली की खपत करते हैं जो औसतन 88 वॉट होती है। जबकि उनकी कंपनी के पंखे हल्के मोटर और ब्लेड के चलते मात्र 28 वॉट यानी लगभग 65 प्रतिशत कम बिजली की खपत करते हैं। औसतन इनसे एक साल में प्रति पंखा लगभग 1500 रूपये की बिजली बिल की बचत होती है जो भारत जैसे ऊर्जा की कमी वाले देश के लिए एक महत्वपूर्ण बात है। देश में पंखा का कुल बाजार अभी लगभग 10000 करोड़ का है जिसमें प्रीमीयम श्रेणी, जिसके तहत उनकी कंपनी के उत्पाद आते हैं, का आकार लगभग 1500 करोड़ रूपये का है और यह प्रति वर्ष 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। लगभग 100 करोड़ के मौजूदा आकार वाली उनकी कंपनी अगले दो साल में 300 करोड़ तथा पांच साल में एक हजार करोड़ के कारोबार का लक्ष्य लेकर चल रही है।
 
कंपनी की स्थापना 2015 में की गयी थी। उन्होंने कहा कि लगभग पांच सौ करोड़ के पंखा बाजार और करीब 150 से 180 करोड़ के प्रीमीयम वर्ग वाला गुजरात उनकी कंपनी के लिए प्रमुख बाजार है जहां से इसके कुल ऑनलाइन कारोबार का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा आता है। दास ने बताया कि उनके उत्पादों की सफलता का राज हल्के मगर प्रभावशाली मोटर तथा ब्लेड की बेहतर डिजायन है। पुराने पंखे चलने पर गर्म हो जाते हैं जिससे ऊर्जा का अपव्यय होता है पर हमारे पंखे घंटो चलने पर भी गर्म नहीं होते। इन्हें बंद करने या कम ज्यादा करने और शुरू करने के लिए उठ कर स्विच तक जाने की भी जहमत नहीं उठानी पड़ती। उन्होंने बताया कि फिलहाल एक लाख इकाई प्रति साल की उत्पादन क्षमता वाली उनकी कंपनी अफ्रीका, बांग्लादेश, नेपाल तथा कुछ यूरोपीय देशों में निर्यात भी कर रही है।
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